
नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट (Middle East) में छिड़ी भीषण जंग के बीच ईरान (Iran) के एक स्कूल पर हुए हमले ने पूरी दुनिया को झकझोर दिया है. अमेरिका और इजरायल (America and Israel) के हमलों के जवाब में ईरान भी कड़ी कार्रवाई कर रहा है, लेकिन इस चार दिनों की हिंसा का सबसे दिल दहला देने वाला पहलू सामने आया जब होर्मोजगान प्रांत के मिनाब शहर में एक स्कूल पर हमला हुआ. इस हमले में 165 निर्दोष स्कूली छात्राओं की मौत हो गई. आज इन मासूम बच्चों का सामूहिक जनाजा निकाला गया और उन्हें अंतिम विदाई दी गई.
हमले की पूरी कहानी
ईरान के दक्षिणी प्रांत होर्मोजगान के मिनाब शहर में 28 फरवरी को एक स्कूल पर भीषण हमला हुआ. इस हमले में स्कूल की इमारत का बड़ा हिस्सा तबाह हो गया. हमले ने शिक्षा के मंदिर को श्मशान में तब्दील कर दिया. मलबे से जब एक-एक कर मासूमों के शव निकलने शुरू हुए, तो बचाव कर्मियों के भी हाथ कांप गए. कई घंटों तक मलबा हटाया और राहत कार्य चलाया. आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस हमले में कुल 165 छात्राओं की मौत हुई है, जिनमें अधिकांश प्राथमिक कक्षाओं में पढ़ने वाली छोटी बच्चियां थीं.
मातम में डूबा मिनाब शहर
आज जब इन बच्चियों के शवों को अंतिम विदाई के लिए कतार में रखा गया, तो पूरा शहर सड़कों पर उतर आया. जनाजे की नमाज के लिए हजारों की संख्या में लोग मुख्य मैदानों और मस्जिदों में एकत्र हुए. ताबूतों की कतारें लगीं, पूरा शहर मातम में डूब गया.सफेद कफन में लिपटे नन्हे ताबूतों को देखकर हर कोई बिलख उठा. शोक की इस घड़ी में मिनाब के सभी बाजार बंद रहे और स्थानीय लोगों ने काली पट्टियां बांधकर इस हमले के प्रति अपना कड़ा विरोध और दुख व्यक्त किया. यह दृश्य इतना हृदयविदारक था कि इसे देखकर हर कोई रो पड़ा. स्थानीय लोग ही नहीं, आसपास के इलाकों से भी लोग इन मासूमों को अंतिम विदाई देने पहुंचे.
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