
उज्जैन। नगर निगम चुनाव में इस बार भाजपा कांगे्रस सहित 5 उम्मीदवार महापौर का चुनाव लड़ रहे थे। लेकिन मतदान वाले दिन 2255 मतदाताओं ने इनमें से कोई नहीं अर्थात नोटा का बटन दबाया। हैरत की बात यह रही कि उम्मीदवारों के बीच हार जीत के अंतर से 3 गुना वोट नोटा को मिले। उल्लेखनीय है कि नगर निगम चुनाव में इस बार 54 पार्षद के अलावा 5 महापौर उम्मीदवारों में से किसी एक को चुनने के लिए 4 लाख 61 हजार 103 मतदाताओं को वोट डालने थे लेकिन इनमें से 2 लाख 64 हजार 447 लोगों ने ही मतदान किया। रविवार को परिणाम वाले दिन आखिरी राउंड में उज्जैन नगर निगम में भाजपा कांग्रेस प्रत्याशी के बीच जीत हार का अंतर 736 वोट रहा। इसमें भाजपा महापौर उम्मीदवार की जीत हुई। इधर महापौर के चुनाव में मतदाताओं ने 2255 वोट नोटा में डाले। इसका मतलब यह हुआ कि इतने मतदाता भाजपा कांगे्रस सहित अन्य 3 उम्मीदवारों को मतदान के पक्ष में नहीं रहे। कुल मिलाकर इस बार के नगर निगम चुनाव में महापौर पद के लिए उम्मीदवारों के बीच जीत हार का अंतर नोटा से करीब 3 गुना कम रहा।
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