
नई दिल्ली । अहमदाबाद (Ahmedabad)के सिविल अस्पताल(civil hospital) में गुरुवार को एक मार्मिक घटना(poignant incident) सामने आई, जब AI 171 विमान हादसे के छह पीड़ित परिवारों को उनके प्रियजनों के ‘दूसरे सेट’ अवशेष सौंपे गए। मेघनीनगर में हादसे की जगह पर चल रही सफाई और बचाव कार्यों के दौरान 16 और अवशेष मिले, जिनकी डीएनए जांच के बाद पहचान की गई। इन परिवारों को अब अपने प्रियजनों का दोबारा अंतिम संस्कार करना पड़ सकता है।
डीएनए जांच से पता लगाया
अधिकारियों ने बताया कि मृतकों के परिजनों, जिसमें यात्री, चालक दल, डॉक्टर, उनके रिश्तेदार और स्थानीय लोग शामिल हैं, को एक सहमति पत्र दिया गया था। इस पत्र में मलबे की आगे की सफाई या चिकित्सीय विश्लेषण के दौरान मिलने वाले अवशेषों के अंतिम संस्कार की अनुमति मांगी गई थी। गुजरात के विभिन्न हिस्सों आनंद, नडियाद और अहमदाबाद के छह परिवारों ने अस्पताल से अनुरोध किया था कि डीएनए मिलान होने पर उन्हें सूचित किया जाए। एक अधिकारी ने कहा, ‘एक व्यक्ति का एक से अधिक बार अंतिम संस्कार होना दुर्लभ है, लेकिन डीएनए मिलान और अवशेष सौंपने का प्रमाणपत्र होने से इस प्रक्रिया में कोई अड़चन नहीं आएगी।’
बाकी अवशेषों का क्या?
बचे हुए 10 पीड़ितों में से नौ के परिवारों ने अस्पताल को उनके अवशेषों का अंतिम संस्कार करने की सहमति दे दी है, जबकि एक परिवार का जवाब अभी आना बाकी है। अधिकारियों ने बताया कि नए मिले अवशेष पहले सौंपे गए अवशेषों की तुलना में बहुत छोटे हैं। कुछ में शरीर का छोटा हिस्सा है, तो कुछ में एक या दो हड्डियां। हादसे की तीव्रता के कारण पीड़ितों के शरीर के टुकड़े-टुकड़े हो गए, जिससे अवशेषों का यह रूप सामने आया।
हादसे का दुखद आंकड़ा
जून के अंत में, गुजरात स्वास्थ्य विभाग ने इस हादसे में मरने वालों की संख्या 260 बताई। इसमें 229 यात्री, 12 चालक दल के सदस्य और जमीन पर मौजूद 19 लोग शामिल हैं। सभी अवशेषों को डीएनए जांच के लिए फोरेंसिक लैब में भेजा गया था, ताकि परिजनों के डीएनए से मिलान किया जा सके।
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