
इंदौर। स्वास्थ्य विभाग (Health Department) द्वारा चलाए गए निरोगी काया (healthy body) अभियान में चौंका देने वाले आंकड़े सामने आ रहे हैं। 5 लाख 90 हजार से अधिक इंदौरियों (Indoris) की जांच में सामने आया कि 62 हजार से अधिक ब्लड प्रेशर (blood pressure) तो 45 हजार से अधिक मधुमेह की बीमारी से पीडि़त है। वहीं 17156 को दोनों ही बीमारियां घेरे हुए हैं। अव्यवस्थित खान-पान और फास्टफूड खाने के कारण 21 प्रतिशत मेें नॉन-एल्कोहलिक फेटी लिवर की समस्या देखी गई है।
जिला अस्पताल में लगा निरोगी काया शिविर
निरोगी काया शिविर के माध्यम से जिला अस्पताल व संजीवनी क्लिनिकों पर जांच अभियान चलाया गया, जिसमेंं आंकड़ों से पता चलता है कि अनियमित खान-पान की आदतें और इंदौरियों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता की कमी के कारण युवाओं में तेजी से फेटी लिवर की समस्या भी सामने आ रही है। प्राप्त आंकड़ों के अनुसार 21 प्रतिशत में नॉन-एल्कोहलिक फेटी लिवर के लक्षण देखे गए। 26727 व्यक्तियों की जांच में पाया गया कि लगभग 10 प्रतिशत में यह समस्या घर कर चुकी है, लेकिन उनको इसकी भनक ही नहीं लगी। लगभग 5693 युवाओं में फेटी लिवर देखा गया। अभियान में मुंह के कैंसर, ब्रेस्ट और गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर के भी मामले सामने आने लगे हैं। लगभग 1 लाख ओरल कैंसर, ब्रेस्ट कैंसर के 35 हजार और सवाईकल कैंसर के 10768 मरीजों में लगभग 1500 से अधिक को अन्य जांचों के लिए भेजा गया है।
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