
सिडनी। विगत गर्मी के मौसम में ऑस्ट्रेलिया ( Australia) की जंगलों में लगी भीषण आग का भालू सरीखा कोआला ( koalas) प्रजाति पर गंभीर असर हुआ है। इससे पहले से ही संकटग्रस्त इस वन्यजीव के अस्तित्व को लेकर चिंता बढ़ गई है। पर्यावरण संरक्षण, अनुसंधान एवं रख-रखाव संबंधी विषयों से जुड़े वर्ल्ड वाइड फंड (WWF) ने बताया है कि उस आग से 60 हजार से ज्यादा कोआला या तो मारे गए या फिर जख्मी हुए या विस्थापित हुए।
इस आग की भयावहता इतनी थी कि प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने बीते गर्मी के मौसम को ‘ब्लैक समर’ करार दिया था। डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के एक अध्ययन में कहा गया है कि इस घटना से पहले भी खेती, शहरी विकास तथा खनन के लिए जंगलों की बेतहाशा कटाई से कोआला का निवास क्षेत्र काफी तेजी से सिकुड़ा है।
डब्ल्यूडब्ल्यूएफ-ऑस्ट्रेलिया के मुख्य कार्यकारी डर्मोट ओगोरमैन ने रिपोर्ट में कहा है कि पूर्वी ऑस्ट्रेलिया में विलुप्त होने के कगार पर पहुंच रही इस प्रजाति के लिए 60 हजार की यह संख्या विनाशकारी है। दक्षिण ऑस्ट्रेलिया के कंगारू आइलैंड में भी करीब 40 हजार कोआला पर आग का असर हुआ। एक संसदीय समिति ने भी सालभर की एक पड़ताल के बाद कहा है कि सरकार ने यदि कोआला को बचाने के लिए तत्काल कदम नहीं उठाए तो 2050 तक यह विलुप्त हो सकता है।
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