
नई दिल्ली । बॉलीवुड(Bollywood) के शहंशाह अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan)आज सफलता की मिसाल माने जाते हैं, लेकिन उनकी जिंदगी में एक ऐसा दौर भी आया जब सबकुछ बिखरता नजर आ रहा था। 90 के दशक के अंत में बिग बी (Big B)को अपने करियर और निजी जिंदगी(Career and personal life) के सबसे कठिन समय (hard times)का सामना करना पड़ा। उनकी कंपनी एबीसीएल (Amitabh Bachchan Corporation Ltd.) आर्थिक संकट में फंस गई और हालात इतने बिगड़े कि उन पर करीब 90 करोड़ रुपये का कर्ज हो गया।
स्थिति और गंभीर तब हो गई जब उन्होंने कंपनी के लिए पर्सनल गारंटी पर साइन किए थे। बिजनेस ठप होने के बाद उनके घर और निजी संपत्तियों के जब्त होने का खतरा मंडराने लगा। अमिताभ बच्चन ने 2013 में दिए एक इंटरव्यू में बताया था कि हालात इतने खराब थे कि रोज उनके घर के बाहर लेनदार आकर खड़े हो जाते थे। यह समय उनके लिए बेहद अपमानजनक और मानसिक रूप से तोड़ देने वाला था।
संकट यहीं खत्म नहीं हुआ। उनके खिलाफ 55 कानूनी मामले दर्ज हो गए। जिन लोगों की कभी उनके साथ काम करने की होड़ रहती थी, वही लोग मुश्किल समय में उनसे दूरी बनाने लगे। बिग बी ने स्वीकार किया था कि कुछ दस्तावेजों पर उनसे गुमराह करके साइन करवाए गए। उन्हें भरोसा दिलाया गया कि सब ठीक रहेगा, लेकिन जब हालात बिगड़े तो उन्हें अकेले ही सब झेलना पड़ा।
करियर भी उस समय डगमगा रहा था। फिल्में फ्लॉप हो रही थीं और इंडस्ट्री में उनकी साख पर सवाल उठने लगे थे। लेकिन इसी अंधेरे दौर में उनके पिता, महान कवि हरिवंश राय बच्चन की सीख उनके लिए रोशनी बनकर आई।
अमिताभ ने बताया था कि उनके पिता ने एक बार कहा था अगर जिंदगी आपकी इच्छाओं के मुताबिक चलती है तो अच्छा है, लेकिन अगर नहीं चलती तो और भी अच्छा है, क्योंकि तब कोई बड़ी शक्ति आपके लिए कुछ बेहतर तय कर रही होती है।” उस समय यह बात उन्हें पूरी तरह समझ नहीं आई थी, लेकिन जीवन के सबसे कठिन दौर में यही विचार उन्हें संभालता रहा। उन्होंने हार पर नहीं, बल्कि प्रक्रिया पर भरोसा करना सीखा।
दूसरी सीख भी उतनी ही गहरी थी। जब अमिताभ ने अपने पिता से कहा कि जिंदगी एक जंग जैसी लगती है, तो जवाब मिला जब तक जीवन है संघर्ष रहेगा।” यही विचार उनके लिए शक्ति का स्रोत बना। उन्होंने हालात से भागने के बजाय डटकर सामना किया।
साल 2000 में रिलीज हुई फिल्म ‘मोहब्बतें’ उनके करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हुई। इस फिल्म से उनकी दूसरी पारी की शुरुआत हुई। इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। टीवी शो ‘कौन बनेगा करोड़पति’ ने भी उनकी लोकप्रियता को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया और आर्थिक हालात को संभालने में अहम भूमिका निभाई।
आज अमिताभ बच्चन की कहानी सिर्फ स्टारडम की नहीं, बल्कि संघर्ष, आत्मविश्वास और धैर्य की मिसाल है। 90 करोड़ के कर्ज और 55 केस के बोझ तले दबे एक अभिनेता ने अपने पिता की सीख को सहारा बनाकर न सिर्फ खुद को संभाला, बल्कि फिर से शिखर पर पहुंचकर दिखाया कि असली शहंशाह वही होता है जो मुश्किलों से लड़कर उभरता है।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved