
पटना। उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने ट्वीट कर कहा कि अनाज, दाल, आलू, प्याज को आवश्यक वस्तुओं की सूची से बाहर करने और भंडारण की सीमा हटाने से कृषि उत्पाद की भंडारण क्षमता बढ़ेगी। नये कृषि बिल से बिहार में खाद्य प्रसंस्करण से जुड़े उद्योग में पूंजी निवेश बढ़ेगा और ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार बढ़ने से पलायन की मजबूरी खत्म होगी। जिन कदमों से करोड़ों किसानों-मजदूरों का भला होगा, उसे राजद जल्दीबाजी में उठाया कदम बता रहा है। राजद ‘शुभस्य शीघ्रम्’ में नहीं, काम के बदले फायदा लेने में विश्वास करता है।
उन्होंने कहा कि तीन कृषि बिल पारित कर एनडीए सरकार ने जिस तरह से किसानों का भाग्य बदलने की कोशिश की है, उससे बिचौलियों की फंडिंग से राजनीति करने वाले दलों में खलबली है। मजदूरों को वन नेशन, वन राशन कार्ड देने के साथ किसानों को वन नेशन, वन मार्केट देने की व्यवस्था की जा रही है। जिस बिल से किसान का भला होने वाला है, उसे विपक्ष किसान विरोधी बता रहा है।
डिप्टी सीएम मोदी ने कहा कि अब किसान बड़ी खाद्य कंपनियों के साथ पार्टनर की तरह जुड़ कर ज्यादा मुनाफा कमा सकेगा। वह पूरा किसान और आधा उद्यमी भी होगा। एमएसपी और मंडी में उपज बेचने का विकल्प रहते बड़ा बाजार मिलने से किसान की सौदेबाजी की ताकत बढ़ेगी। विपक्ष क्या किसान से वोट लेकर उन्हें केवल मंडी के भरोसे लाचार बनाये रखना चाहता है। (एजेंसी, हि.स.)

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