
भोपाल। कोरोना जैसी आपदा के बीच मतदान प्रतिशत को बढ़ाना इस बार बड़ी चुनौती होगी। चुनाव आयोग स्वीप प्लान में इस बार वोटर को जागरूक तो करेगा, लेकिन सबसे बड़ा फोकस कोविड में सुरक्षित चुनाव कराने का रहेगा। वोटर को यह विश्वास दिलाना होगा कि मतदान केंद्र पूरी तरह सुरक्षित रहेगा और सुरक्षित होकर वोट दे सकेंगे। इसके लिए स्वीप की टीम मतदान केंद्र पर कोविड प्रोटोकॉल के तहत सुविधा-संसाधन के बारे में भी बताएगी। यह आशंका है कि कोरोना के कारण लोग घरों से कम निकलेंगे क्योंकि संक्रमण के समय में चुनाव पहली बार हो रहे हैं। इसको लेकर स्वीप के अधिकारियों ने प्लानिंग करना शुरू कर दी है। ज्ञात रहे कि विधानसभा उप निर्वाचन के लिए 29 सितंबर को आचार संहिता लागू कर दी गई है। 9 अक्टूबर से नाम निर्देशन पत्र भरे जाएंगे। 3 नवंबर को मतदान एवं 10 नवंबर को मतगणना होगी। चुनाव आयोग द्वारा उप निर्वाचन के लिए नियुक्त सभी नोडल अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अधिकारी निवार्चन के नियम पढ़ लें और अपना-अपना काम शुरू कर दें।
सभी नियमों को पढ़ लें अफसर
आयोग ने सभी 28 विधानसभा क्षेत्रों के रिटर्निंग ऑफिसर को निर्देश दिए हैं कि वे अपनी-अपनी टीम बना लें और नाम निर्देशन प्राप्त करने के नियमों को अच्छी तरह से पढ़ लें। भले ही इसके पूर्व चुनाव कराए हों। फिर भी नियमों को अवश्य पढ़ें। सेक्टर ऑफीसर मतदान तैयार कर लें। मतदान केंद्र की पुताई, विद्युत व्यवस्था, खिड़की, दरवाजे आदि सभी व्यवस्थाएं बारीकी से देख लें। ईवीएम के संबंध में संबंधित नोडल ऑफीसर को निर्देश दिए गए हैं कि कमीशनिंग टीम बना लें एवं सभी ईवीएम को चेक करा लें कि वे सही हालत में रहें।
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