उज्जैन। गंभीर बांध (severe dam) में पानी आ जाने के बाद उज्जैन शहर का जलसंकट (Water crisis) तो समाप्त हो गया, लेकिन पीएचई ग्रामीण के अधिकारियों को चिंता सता रही है कि जब बांध (Dam) ही नहीं रहेगा, तब उज्जैन शहरवासियों का क्या होगा? यह यक्ष प्रश्न वे स्वयं इसलिए कर रहे हैं कि उनकी न तो भोपाल में सुनवाई हो रही है और न ही प्रशासन सुनवाई कर रहा है। इसके पिछे की कहानी बड़ी साफ है, जिससे प्रशासन,खनिज विभाग और भोपाल में बैठे आला अधिकारी वाकिफ हैं। बात इतनी सी है कि कोई भी नोटिस नहीं ले रहा है।
इस संबंध में एसडीएम घट्टिया गोविंद दुबे से चर्चा की गई तो उन्होंने कहाकि उनके पास पीएचई ग्रामीण का ऐसा कोई पत्र नहीं आया है। पत्र आएगा तो वे कार्रवाई करेंगे, चूंकि उक्त रोड़ बांध की एप्रोच रोड़ है, ऐसे में बांध से मुरम भरे डम्पर नहीं निकलना चाहिए।
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