
उज्जैन। शासन द्वारा शराब की अलग-अलग दुकानों के ठेके दिए गए हैं जिसका फायदा पीने वालों को मिल रहा है। जिले में और शहर में 5 से 7 ठेकेदारों के बीच शराब की दुकानें हैं। इन सभी में आपसी प्रतिस्पर्धा चल रही है जिसके चलते सभी शराब ठेकेदार 10 से लेकर 30 प्रतिशत तक शराब में डिस्काउंट दे रहे हैं। ऐसे में शाम होते ही शराब के ठेकों पर भीड़ हो रही है। प्रतिस्पर्धा के चलते शराब की गुणवत्ता पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। ऐसे में नकली और जहरीली शराब भी बिक सकती है। इस पर प्रशासन को ध्यान देना चाहिए कि ठेकेदार प्रतिस्पर्धा में जो डिस्काउंट वाली शराब बेच रहे हैं, उसमें कहीं मिलावट तो नहीं है और उसमें तय मात्रा से अधिक केमिकल तो नहीं मिलाया जा रहा है।

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