
नई दिल्ली (New Delhi) । हमास (Hamas) के साथ युद्ध (war) लड़ रहे इजरायल (Israel) को लेकर शरद पवार (Sharad Pawar) के एक बयान की खूब आलोचना हो रही है। सत्ताधारी बीजेपी (BJP) के नेता एनसीपी सुप्रीमो पर बरस पड़े हैं। सबसे तीखा पलटवार असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा (Chief Minister Himanta Biswa Sarma) ने किया है। इसके अलावा केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और पीयूष गोयल सरीखे नेताओं ने भी पवार को नसीहत दी है। हिमंत सरमा ने यहां तक कह दिया कि शरद पाव को अपनी बेटी सुप्रिया सुले को गाजा में हमास के लिए युद्ध लड़ने के लिए भेज देना चाहिए।
वहीं, गडकरी ने कहा, ”मैं शरद पवार द्वारा दिए गए गैर-जिम्मेदाराना बयान की कड़ी निंदा करता हूं, जिसमें उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा इजरायल में हाल ही में हुए आतंकी हमले की स्पष्ट निंदा पर सवाल उठाया है। भारत घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सभी प्रकार के आतंकवाद के खिलाफ लगातार खड़ा रहा है। पीएम मोदी द्वारा इजरायल में आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा वैश्विक शांति और सुरक्षा के प्रति हमारी अटूट प्रतिबद्धता का प्रतिबिंब है।”
पवार पर खूब बरसे गडकरी
गडकरी के बारे में कहा जाता है कि उनके सभी दलों के नेताओं के साथ अच्छे संबंध हैं। वह कभी दूसरे की इस तरह से निंदा नहीं करते हैं। हालांकि, इस मामले पर उन्होंने खुलकर शरद पवार के बयान का विरोध किया है। गडकरी ने कहा, “राष्ट्रीय सुरक्षा एक सर्वोपरि चिंता है और जब हमारे राष्ट्र की भलाई की रक्षा की बात आती है तो एकता और आम सहमति होनी चाहिए।” उन्होंने कहा, ”स्थिति की गंभीरता को राजनीतिक संबद्धता या व्यक्तिगत राय के बावजूद, आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता दिखाने की आवश्यकता है।” उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पवार जैसे अनुभवी राजनेताओं से उम्मीद की जाती है कि वे भारत की अपनी सुरक्षा चुनौतियों के मद्देनजर पीएम मोदी के रुख की सराहना करेंगे, न कि पक्षपातपूर्ण विचार प्रकट करेंगे।
पीयूष गोयल ने भी की निंदा
गडकरी के अलावा केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने भी निंदा की है। इजरायल-गाजा जंग को लेकर एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार के बयान पर बुधवार को आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खतरे की सभी रूपों में निंदा की जानी चाहिए। गोयल ने कहा, यह बहुत परेशान करने वाली बात है, जब शरद पवार जैसे वरिष्ठ नेता इजरायल में आतंकवादी हमले पर भारत के रुख पर बेतुके बयान देते हैं। दुनिया के किसी भी हिस्से में आतंकवाद के खतरे की सभी रूपों में निंदा की जानी चाहिए। उन्होंने एक्स पर पोस्ट किया, यह दुख की बात है कि एक जो व्यक्ति भारत के रक्षा मंत्री के साथ-साथ कई बार मुख्यमंत्री भी रह चुका है, वह आतंक से संबंधित मुद्दों पर इतना अनौपचारिक दृष्टिकोण रखता है। इस तरह की मानसिकता को रोकना होगा।
क्या कहा था शरद पवार ने?
एनसीपी सुप्रीमो ने रविवार को मुंबई में पार्टी कार्यकर्ताओं की एक सार्वजनिक सभा को संबोधित करते हुए इजरायल-गाजा जंग के मुद्दे पर भारत सरकार के रुख को लेकर कहा था, मुझे नहीं लगता भारत सरकार इजरायल का सौ फीसदी समर्थन कर रही है। अगर भारत सरकार के आधिकारिक बयान को देखें तो भारत सरकार सौ फीसदी इजरायल के साथ नही है। उनके बयान से ऐसा लगता है लेकिन पीएम के बयान से ये साफ दिख रहा है कि वह इजरायल के साथ हैं। पवार ने कहा, यह बहुत संवेदनशील मुद्दा है। उन्होंने कहा, इस मामले में कुछ भी फैसला लेते समय सरकार को अफगानिस्तान, ईरान, यूएई और गल्फ देशों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा था कि एनसीपी का रुख स्पष्ट होना चाहिए। हम उनके साथ खड़े हैं, जो लोग मूल रूप से उस भूमि के थे।

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