
इंदौर। रेलवे लाइन के साथ-साथ ग्रेटर रिंग रोड के लिए जमीन अधिग्रहण का विरोध किसानों द्वारा किया जा रहा है और बाजार दर से चार गुना मुआवजा और प्रभावित परिवार के शिक्षित युवक को सरकारी नौकरी देने की मांग की जा रही है। वहीं संभागायुक्त से मुलाकात कर ड््रोन की बजाय पटवारी और गिरदावर से जमीनों की नपती करवाने की मांग भी की गई।
पूर्व जनपद सदस्य और किसान नेता हंसराज मंडलोई लगातार इन दोनों प्रोजेक्टों में ली जाने वाली किसानों की जमीनों का विरोध कर रहे हैं। कल संभागायुक्त माल सिंह से भी किसानों का प्रतिनिधि मंडल उनके नेतृत्व में मिला और बताया कि अन्नदाताओं की जमीनें बलपूर्वक छीनी जा रही है और उनकी खड़ी फसलों में मनमर्जी से खम्भे गाड़े जा रहे हैं। जबकि किसान कौडिय़ों के दाम पर अपने बाप-दादा की जमीनों को नहीं देना चाहता है।
एक तरफ सरकार कहती है कि 80 प्रतिशत किसानों की अनुमति के बगैर उनकी जमीन नहीं ली जाएगी। दूसरी तरफ बलपूर्वक जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया की जा रही है। इंदौर-बुधनी रेलवे लाइन के अलावा अभी नेशनल हाईवे ने ग्रेटर रिंग रोड के निर्माण की प्रक्रिया शुरू करवाई उसके लिए जमीनों के अधिग्रहण के लिए ड्रोन सर्वे भी करवाया। उसे भी किसानों ने नकारा और कहा कि पटवारी से किसानों के सामने नपती करवाई जाए। वहीं 26 दिसम्बर को सेमलियाचाऊ में महापंचायत भी की जा रही है।
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