
इंदौर। यह करीब-करीब तय हो गया है कि बाणगंगा रेलवे क्रॉसिंग पर पीडब्ल्यूडी (PWD) द्वारा बनाए जाने वाले टू लेन रेल ओवरब्रिज का टेंडर निरस्त किया जाएगा। 25 दिसंबर को प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (CM Mohan Yadav) की मौजूदगी में इंदौर के विकास को लेकर आहूत की गई बैठक में कम चौड़ाई का विषय जोड़ा गया है।
सूत्रों ने बताया कि शहर के जनप्रतिनिधि इस मुद्दे पर एकमत हैं कि भविष्य के लिहाज से महज टू लेन चौड़ाई का ब्रिज बनाने से कोई फायदा नहीं होगा, उलटे कम चौड़ाई के ब्रिज से नई परेशानी खड़ी हो जाएगी। बाणगंगा क्रॉसिंग से दिन-रात हर श्रेणी के वाहनों की आवाजाही बनी रहती है। भविष्य में क्रॉसिंग के पास बनाई जा रही आरडब्ल्यू-1 का काम पूरा होने के बाद ट्रैफिक और बढ़ेगा। इस लिहाजा से टू लेन ब्रिज कतई किसी काम नहीं होगा। शहर के जनप्रतिनिधि इस विषय पर मुख्यमंत्री से आग्रह करेंगे कि इसके टेंडर निरस्त किए जाएं। पीडब्ल्यूडी 26 करोड़ रुपए की लागत से बाणगंगा क्रॉसिंग पर ब्रिज बनाने का ठेका कंपनी को सौंप चुका है और उसने सॉइल टेस्टिंग का काम भी पूरा कर लिया है। यह ब्रिज इंदौर-देवास रेल लाइन पर बनना है।
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