
इंदौर। पिछले तीन-चार माह से पोर्टल बंद होने के चलते नगर निगम को करोड़ों के राजस्व की हानि हो रही है। पहले ही निगम की हालत खस्ता है और ऊपर से पोर्टल के कारण सही-सही कसर पूरी हो गई। ई-नगरपालिका के पोर्टल पर इंदौर के जलकर और संपत्तिकरदाताओं का सिर्फ दो साल का रिकार्ड ही आ रहा है, जिसके चलते आज की लोक अदालत खासी प्रभावित होगी। पिछले 15 दिनों से नगर निगम के अधिकारियों ने भोपाल नगरीय प्रशासन विभाग के अफसरों को सारी स्थिति बताई थी और उनके माध्यम से ई-नगरपालिका पोर्टल का संचालन करने वाली कंपनी के अधिकारियों को फटकार भी लगाई थी, ताकि पोर्टल चालू हो सके।
इंदौर ही नहीं, मप्र के कई शहरों के नगर निगम और नगर पालिकाओं में पोर्टल के कारण कामकाज ठप पड़े हैं। इंदौर में भी पिछले तीन से चार माह से यही स्थिति बनी हुई है, जिसके कारण पुराने खातेदारों से नगर निगम का अमला न तो राशि वसूल पा रहा है और न ही जब्ती-कुर्की की कार्रवाई हो रही है। आज लगने वाली लोक अदालत को लेकर भी नगर निगम के अफसरों के सामने असमंजस की स्थिति है, क्योंकि जलकर और संपत्तिकर के खाताधारकों का सिर्फ दो साल का रिकार्ड ही पोर्टल पर आ रहा है और कई बड़े बकायादारों के साथ-साथ वर्षों पुराने रिकार्ड नहीं आने के चलते आज की लोक अदालत में निगम के खजाने में काफी कम राशि जमा हो सकेगी। अधिकारियों के मुताबिक कल शाम तक पोर्टल शुरू कराने के लिए मशक्कत चलती रही, लेकिन सफलता नहीं मिल पाई।
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