
उज्जैन। जीआरपी थाना पुलिस के मुताबिक उज्जैन के रेलवे स्टेशन से बीते चार माह में तीन लोग गुम हुए हैं। सुरक्षा के लिहाज से यह बेहद चिंताजनक हैं।
जीआरपी पुलिस रिकार्ड में तो यह लोग सिर्फ गुम हुए दर्शाए गए हैं, लेकिन कई परिवार ऐसे हैं जिनका मानना है कि उनके बेटा या बेटी का अपहरण हुआ है। किसी परिवार का इकलौता सहारा छिना तो किसी के आंगन की किलकारियाँ खो गईं। उज्जैन जीआरपी पुलिस में दर्ज आंकड़ों के अनुसार पिछले 10 साल में कुल 91 लोग गुम हो चुके हैं। इसमें बच्चे, महिलाएँ और बुजुर्ग सभी शामिल हैं। सबसे ज्यादा 20 लोग वर्ष सिंहस्थ 2016 में गुम हुए थे, वहीं साल 2014 में 11 लोग गुम हुए हैं। साल 2024 में एक जनवरी 2024 से लेकर 30 अप्रैल 2024 तक तीन लोग गुम हुए हैं। सुरक्षा के लिहाज से यह आंकड़ा चिंताजनक हैं। इनके अलावा बच्चों की गुमशुदगी के कई ऐसे मामले हैं, जो जीआरपी थाने में दर्ज हैं। ट्रेनों में सफर करते-करते या रेलवे स्टेशन पर किसी का बेटा तो किसी की बेटी गुम हो गए और जो आज तक लौटकर नहीं आए। हालांकि कुछ मामलों में पुलिस ने बच्चे ढूंढ निकाले। इस संबंध में जीआरपी थाना प्रभारी ने बताया कि पुलिस गुमशुदा लोगों की तलाश में लगातार अभियान चलाती रहती है। आगे भी अभियान चलाकर लोगों को बरामद किया जाएगा।
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