नागपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख और वरिष्ठ पदाधिकारी सुनील अंबेकर (Sunil Ambekar) ने मुगल बादशाह औरंगजेब (Mughal Emperor Aurangzeb) के नाम पर हो रहे विवाद और हिंसा पर गहरी निराशा जताई है और कहा है कि आज के दौर में औरंगजेब की प्रासंगिकता नहीं है, फिर भी लोग उसके नाम और कब्र के विवाद पर आपस में क्यों उलझ रहे हैं। उनका यह बयान नागपुर में औरंगजेब की कब्र हटाने की मांग और विरोध-प्रदर्शन के बाद फैली हिंसा के बाद आया है। बता दें कि पिछले दिनों औरंगजेब की कब्र को हटाने की मांग को लेकर दक्षिणपंथी संगठनों द्वारा विरोध प्रदर्शन के बाद दो समुदायों के बीच हुई झड़पों में 30 से अधिक लोग घायल हो गए थे। इनमें से ज्यादातर पुलिसकर्मी हैं। अभी भी नागपुर के 11 थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू लगा हुआ है।
21 मार्च से बैंगलुरु में होगी अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठकhttps://t.co/uPqgXBYSWg
— RSS (@RSSorg) March 5, 2025
फिल्म छावा के बाद गहराया है विवाद
इस फिल्म में मराठा छत्रपति संभाजी महाराज का गौरमयी इतिहास और औरंगजेब द्वारा उनकी हत्या को दिखाया गया है। फिल्म के रिलीज होने के बाद से कई हिन्दूवादी संगठन राज्य से औरंगजेब की कब्र हटाने की मांग कर रहे हैं। सोमवार को भी विस्व हिन्दू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने नागपुर के खुल्दाबाद में औरंगजेब की कब्र हटाने की मांग पर प्रदर्शन किया था। इसी दौरान औरंगजेब का पुतला जलाने पर अफवाह फैल गई कि धार्मिक ग्रंथ जलाया गया है। इससे इलाके में तनाव फैल गया और देखते ही देखते महल और हंसपुरी इलाके में बड़े पैमाने पर लोगों ने तोड़फोड़ और आगजनी शुरू कर दी। उपद्रवियों ने इस दौरान कई स्थानीय लोगों के घरों पर भी पत्थरबाजी की और वाहनों को आग के हवाले कर दिया।
हिंसा का मास्टरमाइंड गिरफ्तार
इधर, विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने मांग की है कि नागपुर में अफवाह फैलाकर, हिंसा और आगजनी करने वाले जिहादियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई हो तथा औरंगजेब की कब्र के स्थान पर मराठा योद्धा धनाजी जाधव, संताजी घोरपडे , छत्रपति राजाराम महाराज का स्मारक बने। बुधवार को पुलिस ने इस हिसा के मास्टरमाइंड फहीम शमीम खान को गिरफ्तार कर लिया है। वह माइनॉरिटीज डेमोक्रेटिक पार्टी का नेता है। इसके अलावा करीब 60 अन्य को भी गिरफ्तार किया गया है।
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