
नई दिल्ली । बॉम्बे हाई कोर्ट(Bombay High Court) ने नवी मुंबई(navi mumbai) में नाबालिग(minor) के यौन शोषण (Sexual Exploitation)और उसे गर्भवती बनाकर शादी से इन्कार(refusal to marry) करने वाले आरोपी को जमानत(bail to the accused) दे दी है। हाई कोर्ट ने मामले में अहम टिप्पणी भी की। पॉक्सो केस में तीन साल से जेल में बंद 22 वर्षीय आरोपी पर अदालत ने कहा कि पीड़िता अपने कार्यों के परिणाम समझने में पूरी तरह सक्षम थी और उसने स्वेच्छा से आरोपी के साथ संबंध बनाए थे।
मामला क्या है
यह घटना अगस्त 2020 की है। नाबालिग लड़की ने नवी मुंबई स्थित अपने घर से भागकर युवक के साथ उत्तर प्रदेश के एक गांव में दस महीने तक रही। मई 2021 में लड़की ने अपने पिता को गर्भवती होने की सूचना दी, जब युवक ने शादी से इनकार कर दिया। पिता ने पुलिस की मदद से लड़की को वापस लाया और युवक के खिलाफ केस दर्ज किया
कोर्ट ने क्या कहा
न्यायमूर्ति मिलिंद जाधव की पीठ ने मामले में टिप्पणी की, “प्रकरण के तथ्य बताते हैं कि पीड़िता को अपने कार्यों के परिणामों की पूरी समझ थी। उसने स्वेच्छा से आरोपी के साथ प्रेम संबंध बनाए और लंबे समय तक उसके साथ रही।”
हालांकि पॉक्सो एक्ट के तहत 18 वर्ष से कम आयु की लड़की की सहमति मान्य नहीं होती, लेकिन कोर्ट ने विशेष परिस्थितियों में न्यायिक विवेक का प्रयोग करते हुए जमानत दी। कोर्ट ने यह भी नोट किया कि मामला चार वर्ष से लंबित है और ट्रायल शुरू नहीं हुआ है। आरोपी को न्यायिक हिरासत से रिहा कर दिया गया है, जबकि मुख्य मामले की सुनवाई अभी बाकी है।
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