
रीवा । मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के रीवा जिले (Rewa district) में स्थित एयरपोर्ट (Airport) की हकीकत पहली ही बारिश में सामने आ गई। बीती रात हुई भारी बारिश (heavy rain) में एयरपोर्ट की बाउंड्रीवॉल (Boundary wall) भरभराकर गिर गई, जिससे एयरपोर्ट परिसर में पानी भर गया। हैरानी की बात यह है कि इस एयरपोर्ट का उद्घाटन महज 9 महीने पहले, 20 अक्टूबर 2024 को किया गया था। यह प्रदेश का छठा एयरपोर्ट है, जिसका लोकार्पण खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल तरीके से किया था।
निर्माण के समय से ही इस परियोजना की गुणवत्ता पर सवाल उठते रहे हैं और अब पहली ही बरसात में सुरक्षा दीवार का ढह जाना उन शंकाओं को पुख्ता करता है। गनीमत रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई।
यह मामला तब और गंभीर हो जाता है जब रीवा, प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला का गृह जिला है। ऐसे में एयरपोर्ट परिसर में पानी भरना और दीवार का ढहना, यहां पर हुए निर्माण कार्यों में हुई भारी गड़बड़ियों और यहां पर बड़े पैमाने पर हुए भ्रष्टाचार की ओर इशारा कर रही हैं।
रीवा में शुक्रवार को 200 मिमी बारिश हुई
बता दें कि बीते दिन रीवा में मूसलाधार बारिश हुई और इस दौरान प्रदेश में सबसे ज्यादा पानी यहीं पर गिरा। शनिवार सुबह साढ़े आठ बजे तक बीते 24 घंटों के दौरान रीवा में 20.3 सेंटीमीटर बरसात रिकॉर्ड की गई।
प्रदेश के इस सबसे नए एयरपोर्ट के उद्घाटन के वक्त मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा था कि एयरपोर्ट के उद्घाटन से रीवा समेत 7 जिलों वाले विंध्य क्षेत्र के विकास के द्वार खुलेंगे और बदलाव आएगा। इसके साथ ही उन्होंने प्रदेश के हर जिले में हवाई पट्टी बनाने की घोषणा भी की थी और कहा था कि उज्जैन, शिवपुरी और दतिया की हवाई पट्टी को विकसित कर एयरपोर्ट बनाया जाएगा।
सीएम मोहन यादव ने कहा था कि इस क्षेत्र में अकूत प्राकृतिक संपदा है और इसके विकास के लिए हर जरूरी संसाधन मौजूद हैं। यादव ने बताया था कि प्रधानमंत्री मोदी और उड़ान (उड़े देश का आम नागरिक) योजना के प्रयासों से गरीबों को भी हवाई यात्रा की सुविधा मिल रही है। पिछली सरकारों द्वारा ध्यान नहीं दिए जाने के कारण रीवा का विकास पिछड़ गया। 1993 में रीवा में रेलवे की सुविधा नहीं थी और अब यहां एयरपोर्ट है। रीवा से भोपाल तक एक्सप्रेस-वे भी बनाया जाएगा।
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