
पटना। बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Elections) से पहले कांग्रेस (Congress) हाईटेक वार रूम (Hi-tech war room) के जरिए अपनों पर पैनी नजर रख रहा है। साथ ही विरोधियों पर सधे अंदाज में प्रहार भी कर रहा है। पार्टी कार्यक्रमों को धार देने में जुटा है। इसी का परिणाम है कि पार्टी की गतिविधियों और बयानों में पैनापन साफ नजर आ रहा है। पार्टी का वॉर रूम दो स्तर पर काम कर रहा है। पीसीसी यानी प्रदेश कमेटी जहां कार्यक्रमों की निगरानी कर रही है, वहीं युवा कांग्रेस कार्यक्रमों और आंदोलनों को धार देने में जुटा है। इस बार कांग्रेस ने प्रदेश मुख्यालय सदाकत आश्रम से दूर मंत्री इन्क्लेव गर्दनीबाग में वॉर रूम बनाया है। यहां तकनीक से लैस 50 से 60 प्रोफेशनल्स चौबीसों घंटे कार्यक्रमों की निगरानी कर रहे हैं। वहीं, क्षेत्र में 500 से अधिक कांग्रेस नेता फीडबैक लेने में सक्रिय हैं।
ये पार्टी कार्यकर्ताओं को रिचार्ज भी कर रहे हैं। माई बहिन मान योजना, हर घर झंडा और चौपाल कार्यक्रम पर पार्टी का विशेष फोकस है। माई बहिन मान योजना का फार्म भरते ही वॉर रूम में बैठे व्यक्ति को पता चल जाता है कि किस नेता ने कहां फार्म भरवाया है। घरों पर झंडा लगाने के बाद उसकी तस्वीर मंगाकर अपडेट लिया जा रहा है, तो चौपाल को लाइव देखकर संख्या का अनुमान लगाया जा रहा है। यानी निगरानी इतनी कड़ी है कि कोई चाहकर भी कागज पर अपने को बढ़ा-चढ़ाकर पेश नहीं कर पाएगा।
मजबूत टिकट दावेदारों की खोज-खबर रखने में भी वॉर रूम सक्रिय है। आवेदन लेकर उनके दावे को परखा जा रहा है। संबंधित क्षेत्र की जनता से उनके बारे में फीडबैक लिए जा रहे हैं। उनकी गतिविधियों पर भी पैनी नजर है। इसके अलावा प्रदेश, राष्ट्रीय, एनएसयूआई और युवा कांग्रेस के पदाधिकारियों के दौरे के समन्वय का काम भी वॉर रूम बखूबी निभा रहा है।
मजबूत शोध विंग कर रहा प्रहार
इस बार पार्टी ने मजबूत शोध विंग बनाया है। किसी भी मुद्दे की गहराई तक जाकर अध्ययन करना शोध विंग का काम है। बेरोजगारी, अपराध, स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला सुरक्षा पर विभिन्न एजेंसियों के डाटा का विश्लेषण कर विरोधियों को उन्हीं की भाषा में जवाब दिया जा रहा है। केंद्र के आंकड़े से ही बिहार सरकार को घेरने की रणनीति बनाई जा रही है।
सोशल मीडिया पर मजबूत उपस्थिति
सोशल मीडिया पर मजबूत उपस्थिति बनाए रखना वॉर रूम के तहत काम कर रहे सोशल मीडिया विंग की जिम्मेवारी है। बिहार से जुड़ी छोटी-बड़ी हरेक घटना पर स्थानीय नेताओं के अलावा राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे की प्रतिक्रिया आ जा रही है। इस बार कांग्रेस के पेड वर्करों की टीम भी काम कर रही है। ऐसी टीम विधानसभावार सर्वे कर रही है। वहां से फीडबैक ले रही है। कांग्रेस के कार्यक्रमों का प्रचार-प्रसार कर रही है।
तीन श्रेणी में बंटा है क्षेत्र
पार्टी ने तीन वर्गों में विधानसभा क्षेत्र को बांटा है। ए श्रेणी में जीती हुई सीट, बी में कम अंतर से हारी हुई सीट और सी श्रेणी में कमजोर सीट रखी गई है। इसी के हिसाब से पार्टी रणनीति बना रही है।
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