
नई दिल्ली । अमेरिकी शेयर बाजार नियामक (US stock market regulators) ने न्यूयॉर्क(New York) की एक अदालत (court)को बताया है कि उसने भारत(India) के कानून मंत्रालय(Ministry of Law) से संपर्क किया है। उनकी मदद से, बिजनेस टाइकून गौतम अडानी और उनके भतीजे सागर अडानी को एक केस के कानूनी नोटिस पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। यह केस पिछले साल अमेरिकी SEC ने शेयर बाजार से जुड़े नियमों के उल्लंघन के आरोप में दर्ज किया था।
पिछली सुनवाई जैसा ही हाल
11 अगस्त को अदालत में दिए गए इस अपडेट में कोई नई जानकारी नहीं है। SEC की ओर से दिया गया यह बयान 27 जून की पिछली सुनवाई में दी गई जानकारी जैसा ही है।
नोटिस भेजने की प्रक्रिया चल रही है
अमेरिकी जिला अदालत (ईस्टर्न डिस्ट्रिक्ट ऑफ न्यूयॉर्क) के मजिस्ट्रेट जज जेम्स आर. चो को दिए अपडेट में SEC ने स्पष्ट किया कि वह “हेग सर्विस कन्वेंशन” नामक अंतरराष्ट्रीय समझौते के नियमों का पालन करते हुए, अडानी और उनके भतीजे को आधिकारिक नोटिस भेजने की प्रक्रिया पूरी करने में जुटी है।
अभी तक नोटिस नहीं मिला
भारत में रहने वाले गौतम अडानी और सागर अडानी को अभी तक इस केस का आधिकारिक नोटिस (सम्मन और शिकायत पत्र) नहीं मिला है।
क्यों जरूरी है यह प्रक्रिया?
SEC को अडानी ग्रुप के संस्थापक और उनके भतीजे को नोटिस सीधे नहीं भेजने का अधिकार है। उन्हें सही राजनयिक चैनलों के जरिए ही यह दस्तावेज़ भेजने होते हैं। यह केस 26.5 करोड़ डॉलर (करीब 265 करोड़ डॉलर) की कथित रिश्वत से जुड़ा है, जिसके बदले अडानी ग्रुप को बड़े नवीकरणीय ऊर्जा प्रोजेक्ट्स के करार मिलने का आरोप है।
आगे क्या?
अदालत में दिए गए अपडेट में अगली सुनवाई की कोई तारीख नहीं बताई गई है। SEC के दस्तावेज पहुंचाने के बाद ही मामले की अगली सुनवाई होने की उम्मीद है।
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