
इंदौर। देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी में आपसी खींचतान से ही विभागाध्यक्षों को फुसरत नहीं है। इंजीनियरिंग विभाग के होस्टलों में रैगिंग की दो घटनाएं सामने आई हैं। एक घटना में तो यूजीसी से जांच के निर्देश मिले। इसके बाद 6 विद्यार्थियों को होस्टल से बाहर निकाला गया। आश्चर्य की बात तो यह है कि घटना की जानकारी जवाबदारों को नहीं थी। अब जाकर वार्डनों एवं विभाग प्रमुखों से जवाब तलब किया जा रहा है।
यूनिवर्सिटी में यूडीटी के इंस्टिट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एड टेक्नोलॉजी (आईईटी) के होस्टल में रहने वाले फस्र्ट ईयर के विद्यार्थियों के साथ सीनियर विद्यार्थियों द्वारा डराने और रैगिंग जैसी घटनाएं हो गईं, जबकि अभी शैक्षणिक सत्र शुरू हुए एक महीने का ही समय बिता है। विभाग से डायरेक्टर प्रतेश बंसल ने बताया कि यूजीसी से जानकारी मिलने के बाद 6 विद्यार्थियों पर कार्रवाई करते हुए उन्हें होस्टल से बाहर किया है।
वहीं दूसरी घटना की जानकारी निकली जा रही है। विद्यार्थियों का कहना है कि यहां सीनियर के साथ बाहरी लोगों का दखल भी रहता है। वहीं होस्टल वार्डनों को इसकी जानकारी ही नहीं रही। प्रभारी कुलसचिव प्रज्ज्वल खरे ने बताया कि गंभीर मामला सामने आया है। होस्टल वार्डनों से जवाब तलब किया जा रहा है। निरीक्षण दलों के होस्टलों के कितने निरीक्षण किए इसकी जानकारी ली जाएगी। कुछ बदलाव भी जरूर करेंगे। बाहरी लोगों की आवाजाही प्रतिबंधित होगी।
मामला दबाने की कोशिशें …
तकरीबन 10 दिन पहले यूजीसी को आईईटी विभाग के विद्यार्थियों की ओर से रैगिंग की शिकायत की गई थी। इसके बाद विभाग ने मामले की जांच की। 6 विद्यार्थियों को दोषी मानते हुए होस्टल से बाहर किया। विद्यार्थियों की पहचान को नियमों का हवाला देकर सार्वजनिक नहीं किया गया, पर यह भी बात सामने आई है कि छात्र संगठन के कुछ नेता इसमें शामिल हुए और उन्होंने मामले को आपसी समझाइश के नाम पर दबाने का प्रयास किया। संभवत: दूसरी घटना इसी से जुड़ी होनी बताई जा रही है।

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