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नवलखा बस स्टैंड शिफ्टिंग में अदालती लड़ाई जारी, ऑपरेटरों ने की अपील दायर

September 20, 2025

  • हाईकोर्ट की सिंगल बैंच ने बस संचालकों की याचिका अभी कर दी थी खारिज, मगर अब डबल बैंच में इस आदेश को दी चुनौती, नायतामूंडला आईएसबीटी में होना है शिफ्टिंग

इंदौर। अभी तीन दिन पहले ही हाईकोर्ट की सिंगल बैंच ने नवलखा बस स्टैंड के बस ऑपरेटरों की याचिका खारिज कर दी थी, जिसके चलते उम्मीद बनी कि अब जल्द ही नायतामूंडला में जो प्राधिकरण का आईएसबीटी तैयार पड़ा है वहां से बसों का संचालन शुरू हो सकेगा। मगर ऐसा लगता है कि इस मामले में अदालती लड़ाई जारी रहेगी, क्योंकि ऑपरेटरों ने सिंगल बैंच के आदेश को चुनौती देते हुए डबल बैंच में अपील दायर कर है। बीते कई वर्षों नवलखा के साथ-साथ तीन ईमली बस स्टैंड को भी शिफ्ट कराने के प्रयास किए जाते रहे हैं।

अभी लगातार वाहन दुर्घटनाओं के कारण कई मौतें हो गई, जिसके चलते शासन-प्रशासन, पुलिस सहित सभी विभागों पर जनाक्रोश भी बढ़ गया है। इंदौर में बीच शहर में संचालित होने वाले बस स्टैंड को भी शहर से बाहर शिफ्ट करने के प्रयास किए जाते रहे हैं। हालांकि सरवटे बस स्टैंड भी नवनिर्माण के बाद संचालित हो रहा है, तो नवलखा बस स्टैंड को लेकर अवश्य लम्बे समय से अदालती लड़ाई चल रही है। प्रशासन ने पहले बस स्टैंड को शिफ्ट करने के प्रयास किए, तो बस ऑपरेटरों ने हाईकोर्ट से स्टे हासिल कर लिया। मगर अभी इसी हफ्ते की शुरुआत में हाईकोर्ट की सिंगल बैंच ने ऑपरेटरों की याचिका खारिज कर दी, जिसके चतलते प्रशासन ने भी नायतामूंडला आईएसबीटी में शिफ्टिंग की तैयारी शुरू कर दी। मगर कल पता चला कि ऑपरेटरों ने हाईकोर्ट की डबल बैंच में अपील की है। हालांकि फिलहाल इस अपील पर कोई स्थगन या अन्य आदेश नहीं हुआ है और आने वाले दिनों में सुनवाई होगी। मगर अब प्रशासन और परिवहन विभाग के लिए नायतामूंडला में शिफ्टिंग आसान नहीं रहेगी। नवलखा के साथ-साथ तीन ईमली बस स्टैंड को भी शिफ्ट करने की मांग होती रही है। प्राधिकरण द्वारा बनवाया आईएसबीटी बीते कई महीनों से बंद पड़ा है और पहले एआईसीटीएसएल को इसका संचालन सौंपा था। मगर वह भी नहीं चला पाया। एप्रोच रोड की समस्या भी बरकरार है।

अब दूध, सब्जी सहित आवश्यक वस्तुओं के ट्रकों को शहर में प्रवेश कैसे दें… इस पर आज चर्चा

कलेक्टर शिवम वर्मा के मुताबिक आज 11 बजे से सडक़ सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई है, जिसमें अभी हुई वाहन दुर्घटनाओं के साथ-साथ बीच शहर में दूध, सब्जी सहित आवश्यक वस्तुओं की सप्लाय कैसे सुनिश्चित बनी रहे और ट्रकों के आवागमन को किस तरह से रोका जा सकता है, उस पर निर्णय लिया जाएगा। इसमें पेट्रोल-डीजल के टैंकरों की व्यवस्था भी की जाना है, क्योंकि इन टैंकरों की भी शहरभर में स्थित पम्पों पर आवाजाही बनी रहती है। अभी जो भीषण ट्रक दुर्घटना हुई थी उसके बाद शहर में ऐसे भारी वाहनों पर प्रतिबंध लगाने की मांग की गई और पुलिस तथा यातायात विभाग ने इन गाडिय़ों को रोकना शुरू किया। मगर व्यापारियों का कहना है कि आवश्यक सेवाओं से संबंधित वस्तुओं की सप्लाय कैसे रोकी जा सकती है, जिसमें दूध, सब्जी, राशन से लेकर दवाइयां और अन्य आवश्यक वस्तुएं शामिल हैं, जिनकी गाडिय़ों पर दिन में रोक लगाने से व्यापार व्यवसाय ही ठप पड़ जाएगा और नागरिकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।

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