
इंदौर। मंगलवार इंदौर (Indore) के सरवटे बस स्टैंड (Sarvate Bus Stand) पर सनावद जाने वाली बस में मिले नवजात (Newborn) को मेडिकल जांच (Medical Examination) के बाद मातृछाया संस्था (Matrichhaya Sanstha) को सौंप दिया गया है। जहां बच्चे की देखभाल होगी। इस कार्यवाही के बीच बच्चे को गोद लेने के लिए कई लोग सामने आए हैं। जिसमें महिला पुलिसकर्मी भी शामिल है। हालांकि बच्चे को गोद देने में जल्दबाजी नहीं की जाएगी। पुलिस पहले उसके माता-पिता का पता लगाएगी।
पुलिस को आशंका है कि पति-पत्नी के आपसी विवाद के चलते दंपत्ति बच्चे को बस में छोड़कर चले गए हैं। दंपत्ति का पता लगाने के लिए पुलिस ने जहां मुखबिरों को सक्रिय कर दिया है, वहीं और सीसीटीवी कैमरे भी खंगाले जा रहे हैं। बता दें कि बस से बच्चा मिलने के बाद पुलिस ने बाल कल्याण समिति (CWC) को इसकी जानकारी दी थी। CWC के कहने पर ही बच्चे को मातृछाया भेजा गया है। इस संस्था में एक माह से 4 साल तक के बच्चों को रखकर लालन-पालन किया जाता है।
फुटेज में दिखी स्कार्फ बांधे महिला
इस मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। छोटी ग्वालटोली थाने के टीआई संजू कामले के मुताबिक मंगलवार को एक फुटेज में मुंह पर स्कार्फ बांधे महिला दिखी थी। पुलिसकर्मियों की टीम को फुटेज तलाशने का जिम्मा सौंपा गया है। इसमें तीन थानों की टीम लगाई गई है। कुछ और फुटेज में बच्चे के माता-पिता का सुराग मिलने की उम्मीद है। उधर, छोटी ग्वालटोली की महिला पुलिसकर्मी सहित अन्य स्टाफ ने बच्चे को गोद लेने की इच्छा जताई है, लेकिन कानूनी प्रक्रिया के चलते यह सब जल्दी संभव नहीं है।
पहले डीएनए कराएगी पुलिस
इस बच्चे के माता-पिता मिल भी जाते हैं, तो उसे जल्दी उन्हें नहीं सौंपा जाएगा। बल्कि बच्चे को सौंपने से पहले डीएनए टेस्ट कराया जाएगा। बता दें कि मामले में एफआईआर हुई है। इसलिए पहले माता-पिता को हिरासत में लेकर पूछताछ की जाएगी। उसके बाद ही आगे की कार्रवाई शुरू होगी।
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