
रामगढ़। झारखंड (Jharkhand) के रामगढ़ जिले (Ramgarh district) में हाथियों का तांडव (Elephant rampage) रुकने का नाम नहीं ले रहा है। हाथी ने शुक्रवार को दो और लोगों (Two more people) की जान ले ली। मृतकों में लोकनाथ मुंडा कुजू ओपी क्षेत्र के सुगिया के रहने वाले थे, जबकि दूसरी मृतक काजल देवी रामगढ़ प्रखंड के कुंदरूकलां पंचायत में ईंट भट्ठे में काम करने आई थीं। यह बीते 56 घंटे के दौरान रामगढ़ जिले में छठी मौत है।
हाथी ने बीते मंगलवार को भी रामगढ़ के घाटो थाना क्षेत्र के आरा सारूबेड़ा में दो महिलाओं समेत चार लोगों को पटककर मार डाला था। मृतकों में एक सीसीएल के सुरक्षाकर्मी अमित समेत गिद्दी प्रखंड के डाड़ी निवासी अमूल महतो, वेस्ट बोकारो निवासी महिला पार्वती देवी और आरा कोलियरी निवासी सावित्री देवी शामिल हैं।
ताजा मामले में शुक्रवार को अहले सुबह कुजू ओपी क्षेत्र के सुगिया निवासी 40 वर्षीय लोकनाथ अपनी पत्नी गीता देवी के साथ जलावन का कोयला चुनने सीसीएल के करमा परियोजना की ओर जा रहे थे। करमा कैंटीन के पीछे लोकनाथ का सामना चार हाथियों के झुंड से हो गया। हाथी ने उन्हें पटककर मार डाला। उनकी पत्नी गीता देवी किसी तरह भागकर जान बचाने में सफल रहीं। वन विभाग ने तत्काल मृतक के आश्रित को 25 हजार रुपए सहायता राशि प्रदान की। साथ ही सरकारी प्रावधान के तहत 3 लाख 75 हजार रुपए 10 दिनों के अंदर भुगतान करने का आश्वासन दिया। शुक्रवार को ही दूसरी घटना रामगढ़ प्रखंड के कुंदरूकलां पंचायत की है। यहां ईंट भट्ठे में काम करने आई महिला काजल देवी जब रात में शौच के लिए निकली, तब हाथी ने उसे चपेट में ले लिया। उसे पटक-पटककर मार डाला। पास ही मौजूद करीब आधा दर्जन लोग बाल-बाल बच गए। इस दौरान हाथियों ने फसलों को भी नुकसान पहुंचाया। वन विभाग की टीम नुकसान के मूल्यांकन में जुट गई है।
अतिक्रमण और हाथियों से छेड़छाड़ पड़ रहा भारी
वन विभाग की टीम हाथियों से बचाव के लिए क्षेत्र में निगरानी कर रही है। हाथियों के मूवमेंट पर नजर रख रही है। विभाग और स्थानीय लोगों का मानना है कि हाथियों के पारंपरिक आवागमन वाले मार्ग में बढ़ती मानवीय गतिविधि और छेड़छाड़ से हाथी आक्रामक हो रहे हैं। जंगलों के सिमटने और रास्तों के अवरुद्ध होने से हाथी भोजन और पानी की तलाश में आबादी वाले इलाकों की ओर आ रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से स्थायी समाधान, मुआवजा और हाथियों के सुरक्षित मार्ग को बहाल करने की मांग की। है। बता दें कि तोपा माइनस कॉलोनी, उखरबेड़वा और हरवे क्षेत्र में हाथियों के झुंड का खुलेआम विचरण ग्रामीणों के लिए चिंता का कारण बन गया है। शुक्रवार देर रात और अहले सुबह गांव की सीमाओं से सटे खेतों और बस्तियों के आसपास हाथियों की मौजूदगी देखी जा रही है।
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