मुंबई। शिवसेना (UBT) के अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने गुरुवार को अपने चचेरे भाई और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के अध्यक्ष राज ठाकरे से मुलाकात कर 15 जनवरी को होने वाले BMC समेत अन्य महानगरपालिका चुनावों के घोषणापत्र और अभियान को लेकर चर्चा की। उद्धव ने राज से उनके आवास ‘शिवतीर्थ’ पर मुलाकात की। दो दिन पहले, MNS प्रमुख राज ठाकरे उद्धव के आवास ‘मातोश्री’ गए थे। दो दिनों में दोनों भाइयों के एक-दूसरे के घर पर जाकर की गई यह दूसरी मीटिंग है।
ऐसा माना जा रहा है कि उद्धव और राज ने दोनों पार्टियों के कार्यकर्ताओं द्वारा किए जा रहे विद्रोह का मुकाबला करने की रणनीति पर भी चर्चा की, क्योंकि प्रत्येक महानगरपालिका वार्ड के लिए कई दावेदार थे जिन्होंने आधिकारिक उम्मीदवार के खिलाफ विद्रोह कर दिया है। दोनों दलों के प्रमुख मुंबई महानगर क्षेत्र में संयुक्त रैलियों को संबोधित करेंगे।
यह चुनाव मुंबई की पहचान को बचाने का
दूसरी तरफ, राज ठाकरे ने नगर निगम चुनावों के लिए चयनित पार्टी उम्मीदवारों से गुरुवार को अपील की कि वे मुंबई को बचाने के लिए पूरी कोशिश करें। उन्होंने बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) चुनाव लड़ रहे पार्टी उम्मीदवारों की बैठक को संबोधित करते हुए कहा, “यह चुनाव मुंबई की पहचान को बचाने का एक महत्वपूर्ण और शायद आखिरी मौका है। यह शहर मराठी लोगों का है और ऐसा ही रहना चाहिए।” उन्होंने उम्मीदवारों से अटूट दृढ़ संकल्प और प्रतिबद्धता के साथ काम करने की अपील की और चुनाव के दौरान प्रलोभनों के खिलाफ उम्मीदवारों को चेतावनी देते हुए कहा कि उन्हें पैसे सहित कई तरह के प्रलोभन दिए जाएंगे, लेकिन उन्हें इन झांसों में नहीं आना चाहिए।
किसी भी हालत में फर्जी वोटिंग न होने दें
उन्होंने कहा, “दृढ़ रहें, मुझे भी कई लालच दिए गए थे, लेकिन मैंने उन्हें दूर भगा दिया।” फर्जी वोटिंग को रोकने के लिए सख्त निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी हालत में फर्जी वोटिंग न होने दें और बहुत सतर्क रहें तथा हर बूथ पर कम से कम दस मनसे कार्यकर्ता तैनात करें। उन्होंने कहा कि अगर कोई फर्जी वोटिंग करते हुए पकड़ा जाता है तो उसे तुरंत मौके पर ही रोक दिया जाना चाहिए।
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