ढाका। बांग्लादेश की जमात-ए-इस्लामी (Jamaat-e-Islami) ने भारतीय अधिकारियों से गुप्त बैठकों की रिपोर्ट्स को खारिज कर दिया है। उन्होंने दावा किया है कि भारतीय अधिकारियों (Indian officials) के कहने पर ही बैठकों की बात को सार्वजनिक नहीं किया गया था। उनका बयान ऐसे समय पर आया है, जब भारत और बांग्लादेश के रिश्ते तनावपूर्ण हैं। जमात ने पाकिस्तान के साथ संबंध पर भी बात की।
जमात के प्रमुख शफीकुर रहमान ने माना है कि वह इस साल भारतीय डिप्लोमैट से मिले थे। उन्होंने कहा कि मुलाकात उनकी बायपास सर्जरी के बाद हुई थी। रहमान ने कहा कि अन्य देशों के डिप्लोमैट भी उनसे मिलने पहुंचे थे, लेकिन भारतीय अधिकारी ने इस मीटिंग को गुप्त रखने के लिए कहा था।
उन्होंने कहा, ‘क्यो? कई डिप्लोमैट थे, जो मुझसे मिले और इस बात को सार्वजनिक भी किया गया। परेशानी कहां है?’ उन्होंने कहा, ‘हमें सभी के लिए और सभी के साथ रास्ता खुला रखना होगा। हमारे संबंधों को बेहतर करने का कोई और बेहतर विकल्प नहीं है।’
हालांकि, उनके इस बयान को लेकर भारतीय विदेश मंत्रालय की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। एजेंसी ने भारत सरकार के सूत्रों के हवाले से कई पार्टियों से संपर्क साधे जाने की बात कही है।
शफीकुर रहमान का यह जवाब एक अंतरराष्ट्रीय मीडिया की रिपोर्ट के एक दिन बाद आया, जो उनके साथ एक साक्षात्कार पर आधारित थी। रिपोर्ट में भारतीय राजनयिकों के साथ बैठक का जिक्र किया गया था और कहा गया था कि जमात आम सहमति वाली सरकार में शामिल होने के लिए तैयार है। बंगलादेश में आगामी 12 फरवरी को आम चुनाव हैं।
पाकिस्तान के साथ जमात के करीबी संबंध होने को लेकर रहमान ने कहा, ‘हम सभी के साथ संतुलित संबंध चाहते हैं। हमने कभी भी किसी एक देश की और झुकाव को लेकर दिलचस्पी नहीं दिखाई। हम सभी का सम्मान करते हैं और राष्ट्रों के बीच संतुलित रिश्ते चाहते हैं।’
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