
इंदौर। लगातार चौथी बार इंदौर मेट्रो पॉलिटन रीजन पर वृद्धि की जा रही है। अब तक 9989.69 वर्ग किलोमीटर के आधार पर प्राधिकरण ने तैयारी कर ली थी और शासन को अधिसूचना जारी करना थी। मगर उसके पहले लगभग साढ़े 4 हजार वर्ग किलोमीटर का क्षेत्रफल और बढ़ा दिया और रतलाम-शाजापुर की भी तहसीलें इसमें जोड़ दी गई, जिसके चलते अब नए सिरे से मंथन करना पड़ रहा है। कल दोपहर बाद प्राधिकरण दफ्तर में इसी मामले को लेकर बैठक हुई, जिसमें संभागायुक्त व प्राधिकरण अध्यक्ष डॉ. सुदाम खाड़े और सीईओ डॉ. परीक्षित झाड़े सहित अन्य अधिकारी और इसे तैयार करने वाली एजेंसी मेहता एंड एसोसिएट के जिम्मेदार मौजूद रहे और उन्होंने अपना प्रजेंटेशन भी दिया।
एक तरफ इंदौर का मास्टर प्लान अभी तक अटका है, क्योंकि शासन उसके पहले मेट्रो पॉलिटन रीजन को अमल में लाना चाहता है। पहले तीन बार लगातार संशोधन के बाद जो क्षेत्रफल तय किया गया था उसके आधार पर प्राधिकरण ने बोर्ड प्रस्ताव मंजूर कर शासन को उसकी जानकारी भी भेज दी। दरअसल, मेट्रो पॉलिटन रीजन को तैयार करवाने की जिम्मेदारी प्राधिकरण को सौंप रखी है और यह कार्य निजी कंसल्टेंट फर्म मेहता एसोसिएट द्वारा किया जा रहा है। इसमें इंदौर जिला तो शत-प्रतिशत लिया गया है, जबकि उज्जैन, देवास, शाजापुर के बाद अब शाजापुर और रतलाम की भी तहसीलें शामिल कर ली गई हैं। पूर्व में उज्जैन, देवास का भी क्षेत्रफल बढ़ाया गया था और अब उज्जैन का भी 973, देवास का 588, धार का 304, शाजापुर का 1620 और रतलाम का 1074 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल इसमें जोड़ा गया है।
पहले 5 जिले की 29 तहसीलें इसमें थीं, जो अब बढक़र 6 जिलों के के साथ 35 तहसीलें हो गई हैं। पहले 9989.69 वर्ग किलोमीटर का क्षेत्रफल तय कर दिया था, मगर अब चौथी बार में इसे बढ़ाकर 14550.29 वर्ग किलोमीटर कर दिया गया है। यानी अब इंदौर मेट्रो पॉलिटन रीजन में 4560.6 वर्ग किलोमीटर का क्षेत्रफल और शामिल कर दिया गया, जिसके चलते अभी तक किया गया सर्वे और पूरी कवायद नए सिरे से कंसल्टेंट फर्म को करना पड़ेगी। उसका यह भी कहना है कि अब शासन एक बार तय कर ले कि कुल कितना क्षेत्रफल इसमें रखना है, ताकि उसकी सीमाओं को फ्रीज करने के साथ प्लानिंग पूरी की जा सके। चूंकि शासन को नए सिरे से इसकी जानकारी भेजना है, लिहाजा कल प्राधिकरण दफ्तर में साल के पहले दिन ही इंदौर मेट्रो पॉलिटन रीजन को लेकर मंथन किया गया, जिसमें सभी आला अधिकारी मौजूद रहे। इसमें कंसल्टेंट फर्म द्वारा प्रजेंटेशन भी दिखाया।
दरअसल मुख्यमंत्री के निर्देश पर रतलाम और शाजापुर की तहसीलें भी मेट्रो पॉलिटन रीजन में जोड़ी गई है, जिसके चलते नए सिरे से पूरी कवायद करना पड़ रही है। इंदौर में ही पिछले दिनों मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में शहर विकास को लेकर जो महत्वपूर्ण बैठक हुई थी, उसमें पहले उम्मीद यह थी कि मेट्रो पॉलिटन रीजन की अधिसूचना जारी की जाएगी, मगर बाद में पता चला कि उसका क्षेत्रफल लगभग साढ़े 4 हजार वर्ग किलोमीटर और बढ़ाने के निर्देश दिए गए, जिसके चलते अब प्राधिकरण को नए सिरे से जोड़े गए क्षेत्रफल को शामिल करते हुए प्लानिंग करना पड़ेगी। कुछ समय पूर्व ही प्राधिकरण संचालक मंडल ने मेट्रो पॉलिटन रीजन के तय किए गए 9989.69 वर्ग किलोमीटर में आवश्यक कार्य करने संबंधी प्रस्ताव मंजूरी के लिए शासन को भेजा था। मगर अब उसमें फिर से बदलाव हो गया है। इस विस्तार के चलते रतलाम की दो तहसीलें और शाजापुर की 5 तहसीलों को जोड़ा गया है, तो उज्जैन जिले में भी माकड़ोन तहसील को शामिल करने के साथ देवास जिले की दो तहसीलें और धार की भी एक तहसील का क्षेत्रफल बढ़ा दिया गया है, जिसके चलते अब रीजन में 29 की बजाय 35 तहसीलों की जमीनें शामिल की गई हैं। जिन तहसीलों का क्षेत्रफल बढ़ा है, उनमें बदनावर, बडनग़र, खाचरोद, तराना, सोनकच्छ, टोंकखुर्द और शाजापुर शामिल है। बदनावर तहसील में चूंकि पीएम मित्र पार्क का बड़ा प्रोजेक्ट आ रहा है, लिहाजा उसका 304.08 वर्ग किलोमीटर का हिस्सा भी शामिल किया गया, ताकि पीएम मित्र पार्क भी जुड़सके। वहीं दिल्ली-मुंबई कॉरिडोर के चलते रतलाम जिले को भी शामिल किया गया।
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