
इन्दौर। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि भगीरथपुरा में प्रदूषित पानी पीने से बीमार मरीजों अथवा उनके परिजनों को जिन निजी अस्पताल में इलाज के लिए अपनी जेब से भुगतान करना पड़ा था, उन मरीजों को अस्पताल प्रबन्धन से जमा किए रुपए वापस करवाए जा रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग सीएमएचओ डाक्टर माधव हसानी का कहना है कि प्रदूषित पानी की वजह से इलाज के लिए निजी अस्पतालों में भर्ती मरीजों को उनके परिजनों द्वारा अस्पताल में जमा की गई धनराशि वापस करवाई जा रही है। वर्मा नर्सिंग होम और अर्पण नर्सिंग होम में 29 दिसम्बर से भर्ती मरीजों को उनकी राशि वापस की जा चुकी है। जो बाकी हैं उनकी भी वापस की जा रही है, क्योंकि इन मरीजों के इलाज का खर्चा सरकार उठा रही है।
कल रात 11 बजे तक की रिपोर्ट
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार कल 1 हजार 714 घरों का सर्वे किया गया, जिसमें 8571 लोगों की जांच की गई। इनमें से 338 मरीज मिले। इन्हें वहीं पर प्राथमिक उपचार दिया गया। कल 272 मरीज अस्पतालों में भर्ती किए गए। 71 मरीज डिस्चार्ज किए गए। अभी भर्ती मरीजों की संख्या 201 है। आईसीयू में 32 मरीज हैं।
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