
चंडीगढ़ । सांसद कुमारी सैलजा (MP Kumari Sailja) ने कहा कि हरियाणा में लाडो लक्ष्मी योजना के नाम पर (On the name of Lado Laxmi Yojana in Haryana) महिलाओं के साथ विश्वासघात बेहद निंदनीय और शर्मनाक है (Betrayal of Women is highly Condemnable and Shameful) । यह योजना महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए शुरू की गई थी, लेकिन आज हरियाणा की भाजपा सरकार ने इसे शर्तों और अंकों की बेडिय़ों में जकड़ दिया है।
यह बात सिरसा सांसद कुमारी सैलजा ने आज जारी एक बयान में कही। कुमारी सैलजा ने कहा कि सरकार अपने ही संकल्प से मुकर गई है। जिन महिलाओं को बिना भेदभाव आर्थिक सहयोग मिलना चाहिए था, आज उनसे उनके बच्चों के नंबर पूछे जा रहे हैं। क्या अब माँ की योग्यता रिपोर्ट कार्ड से तय होगी। उन्होंने कहा कि 2100 की मामूली सहायता के लिए 80 प्रतिशत अंकों की शर्त लगाना गरीब, मजदूर और ग्रामीण महिलाओं के साथ सीधा अन्याय है। यह नीति महिला सशक्तिकरण नहीं, बल्कि महिलाओं को अपमानित करने वाली सोच को दर्शाती है। सरकार यह भूल गई है कि हर माँ के हालात समान नहीं होते। संसाधनों की कमी, सरकारी स्कूलों की स्थिति और सामाजिक परिस्थितियों में पढ़ने वाले बच्चों से ऐसे परिणाम की अपेक्षा करना अमानवीय है।
कुमारी सैलजा ने स्पष्ट कहा कि लाडो लक्ष्मी योजना का लाभ सभी बीपीएल परिवारों की महिलाओं को बिना किसी शर्त के मिलना चाहिए, न कि अंकों और नियमों के जाल में फंसाकर उन्हें हक से वंचित किया जाए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार महिलाओं के साथ इसी प्रकार का व्यवहार करती रही, तो कांग्रेस पार्टी बुलंद आवाज़ में महिलाओं के हक की लड़ाई लड़ेगी और उन्हें उनका अधिकार दिलाने के लिए पूरी मजबूती से खड़ी रहेगी। महिला सम्मान कोई एहसान नहीं, उनका अधिकार है और उस अधिकार से समझौता नहीं होने दिया जाएगा।
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