
डेस्क: वेनेजुएला (Venezuela) में अमेरिकी सेना (US Military) के अचानक हुए बड़े ऑपरेशन और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो (Nicolas Maduro) की गिरफ्तारी ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति (International Politics) में भूचाल ला दिया है. एक तरफ जहां दुनिया की तमाम खुफिया एजेंसियां और कूटनीतिक विशेषज्ञ इस घटनाक्रम से स्तब्ध थे, वहीं दूसरी तरफ डिजिटल दुनिया के एक अंधेरे कोने में बैठा एक शख्स शायद मुस्कुरा रहा था. इस व्यक्ति ने अमेरिका के इस बेहद गोपनीय मिशन की न केवल सटीक भविष्यवाणी की, बल्कि इस पर लाखों का दांव लगाकर करोड़ों रुपये भी कमा लिए. इस मामले ने वित्तीय बाजारों और सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं. प्रेडिक्शन मार्केट (अनुमान लगाने वाला बाजार) में हुई इस भारी-भरकम कमाई ने ‘इनसाइडर ट्रेडिंग’ यानी गोपनीय जानकारी के लीक होने का शक गहरा दिया है.
रिपोर्ट के मुताबिक, यह पूरा खेल ‘पॉलीमार्केट’ नामक एक प्लेटफॉर्म पर खेला गया, जहाँ लोग भविष्य की घटनाओं पर पैसा लगाते हैं. जब बाजार में यह चर्चा थी कि वेनेजुएला पर अमेरिका के किसी भी तरह के हमले की संभावना मात्र 6 प्रतिशत है, तब एक यूजर ने धारा के विपरीत बहने का फैसला किया. इस यूजर ने करीब 35,000 डॉलर (भारतीय मुद्रा में लगभग 31 लाख रुपये) का बड़ा जोखिम उठाया. सामान्य तौर पर, जब किसी घटना के होने की उम्मीद इतनी कम हो, तो कोई भी इतना बड़ा निवेश करने से बचता है. लेकिन जैसे ही अमेरिका ने हमले को अंजाम दिया और राष्ट्रपति मादुरो की गिरफ्तारी की खबर फ्लैश हुई, बाजी पूरी तरह पलट गई. महज 24 घंटे के भीतर, उस यूजर का यह दांव बिल्कुल सही साबित हुआ और उसने करीब 4,00,000 डॉलर यानी 3.6 करोड़ रुपये से ज्यादा का मुनाफा अपनी जेब में डाल लिया.
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे ज्यादा शक उस यूजर के अकाउंट और उसकी टाइमिंग पर है. जांच में पता चला है कि जिस अकाउंट से यह दांव लगाया गया, वह हमले से ठीक तीन-चार दिन पहले यानी 27 दिसंबर को ही बनाया गया था. आम तौर पर नए निवेशक बाजार को समझने में समय लेते हैं, लेकिन इस यूजर का मकसद एकदम साफ था. इस नए खाते से केवल दो ही चीजों पर पैसा लगाया गया था. पहला दांव वेनेजुएला पर अमेरिकी बमबारी को लेकर था और दूसरा इस बात पर कि राष्ट्रपति मादुरो को 31 जनवरी तक सत्ता से हटा दिया जाएगा. जब पूरी दुनिया को इस हमले की भनक तक नहीं थी, तब एक नए यूजर द्वारा इतना सटीक और बड़ा दांव खेलना महज संयोग नहीं हो सकता. यही कारण है कि अब यह सवाल पूछा जा रहा है कि क्या इस व्यक्ति के पास पेंटागन या व्हाइट हाउस के भीतर की कोई गोपनीय जानकारी थी?
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