
चंडीगढ़ । पंजाब में धर्मग्रंथों की बेअदबी करने पर (In Punjab sacrilege of Religious Texts) आजीवन कारावास होगा (Will lead to Life Imprisonment) । इस संबंध में गठित विधानसभा की सेलेक्ट कमेटी अपनी रिपोर्ट शीघ्र सरकार को सौंपेगी ।
आम आदमी पार्टी के संयुक्त सचिव और प्रवक्ता बलतेज पन्नू ने यह जानकारी देते हुए बताया कि प्रस्तावित कानून सभी धर्मों के पवित्र ग्रंथों पर समान रूप से लागू होगा । इसके तहत किसी भी धर्मग्रंथ की बेअदबी करने पर दोषी को आजीवन कारावास की सजा दी जाएगी, जबकि बेअदबी की कोशिश करने पर 3 से 5 साल तक की जेल का प्रावधान होगा। कानून की खास बात यह है कि इसमें आरोपी को न तो जमानत मिलेगी और न ही किसी तरह के राजीनामे की अनुमति होगी ।
आप नेता ने कहा कि यह कानून इतना कठोर होगा कि भविष्य में कोई भी धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी करने का साहस न कर सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह राज्य स्तरीय कानून होगा और इसे जल्द ही विधानसभा में अंतिम रूप दिया जाएगा। यह बयान श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार कुलदीप सिंह गड़गज द्वारा पंजाब सरकार से बेअदबी करने वालों के खिलाफ सख्त कानून बनाने की मांग के बाद आया है। पन्नू ने कहा कि सरकार ने अकाल तख्त जत्थेदार के सुझाव को स्वीकार किया है।
गौरतलब है कि 15 जुलाई 2025 को पंजाब सरकार ने गुरु ग्रंथ साहिब, गीता, बाइबल और कुरान जैसे पवित्र ग्रंथों की बेअदबी रोकने के लिए पंजाब पवित्र ग्रंथ अपराध निवारण बिल 2025 विधानसभा में पेश किया था। बाद में इस बिल को सभी दलों के सदस्यों वाली सेलेक्ट कमेटी के पास भेज दिया गया था, जो अब अपनी रिपोर्ट सौंपने वाली है।
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