
नई दिल्ली । बांग्लादेश (Bangladesh) के नरसिंगदी जिले (Narsingdi District) में हुई हिंदू युवक (Hindu youth) की हत्या को अंतरिम सरकार ने पारिवारिक झगड़ा बताया है। मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस (Muhammad Yunus) के कार्यालय की तरफ से कहा गया है कि उसके हिंदू होने के कारण झूठा प्रोपेगैंडा फैलाया गया। खास बात है कि बीते कुछ हफ्तों में बांग्लादेश में हिंदुओं की हत्या की घटनाएं सामने आईं हैं। इसे लेकर भारत सरकार ने भी चिंता जाहिर की है और अंतरिम सरकार से इस पर विराम लगाने के लिए कहा है।
बांग्लादेशी न्यूज एजेंसी BSS यानी बांग्लादेश संगबाद संस्था के अनुसार, यूनुस के वरिष्ठ सहायक प्रेस सचिव फोयेज अहमद ने मोनी चक्रवर्ती की हत्या का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पुलिस और पीड़ित परिवार की शुरुआती जांच से पता चला है कि हत्या पारिवारिक विवाद और पुरानी कारोबारी रंजिश के चलते हत्या हुई है।
उन्होंने कहा, ‘कुछ हालिया घटनाओं में चिंता के साथ देखा गया है कि गलत जानकारी फैलाएं जाने के चलते कुछ लोगों ने ऐसे काम करने की कोशिश या उकसावे में आए हैं, जिनके कारण सांप्रदायिक सद्भावना को नुकसान पहुंच सकता है।’ उन्होंने कहा कि उसके हिंदू समुदाय से आने के कारण कई जगहों पर झूठा प्रोपेगैंडा फैलाया गया कि उसकी हत्या सांप्रदायिक हमले में हुई है।
उन्होंने कहा, ‘हमें उम्मीद है कि अगर ऐसी कोई घटना चिंता की वजह बनती है, तो ऐसे लोगों को बयान देने से पहले जांच कर लेनी चाहिए। और अगर जरूरत पड़े, तो मौके पर पहुंचकर जांच करें कि कोई सांप्रदायिक पहलू है या नहीं।’ उन्होंने कहा कि बगैर तथ्यों की जानकारी के झूठी बातें फैलाने से सामाजिक और सांप्रदायिक सद्भावना कमजोर हो सकती है।
किसी से कोई विवाद नहीं
नरसिंगदी जिले के पलाश उपजिला के चारसिंदूर बाजार में अज्ञात हमलावरों ने 40 वर्षीय किराना दुकान मालिक मोनी चक्रवर्ती की धारदार हथियार से वार करके हत्या कर दी थी। पीटीआई भाषा से बातचीत में चक्रवर्ती के एक करीबी दोस्त राजेंद्र चौहान ने बताया कि वह इलाके में काफी सम्मानित व्यक्ति थे और उनका किसी से कोई ज्ञात विवाद नहीं था।
उन्होंने कहा, ‘अभी हमारे पास बोलने की हिम्मत नहीं है। वह इतने अच्छे इंसान थे कि यह सोचना भी नामुमकिन है कि उनका कोई दुश्मन हो सकता था।’ उन्होंने हत्या के पीछे किसी भी धार्मिक मकसद या चरमपंथी समूहों की संलिप्तता से इनकार किया।
मणि चारसिंदूर बाजार में किराना दुकान के मालिक थे। पुलिस और स्थानीय लोगों ने बताया कि मणि जब रात में दुकान बंद करके अपने घर लौट रहे थे, तभी अज्ञात हमलावरों ने उन पर धारदार एवं स्थानीय रूप से निर्मित हथियार से वार किया। रिपोर्ट में कहा गया है कि मणि की मौके पर ही मौत हो गई।
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