
नोएडा: उत्तर प्रदेश के नोएडा (Noida) और ग्रेटर नोएडा में सर्दी ने एक बार फिर लोगों को ठिठुरने पर मजबूर कर दिया है. उत्तर पश्चिमी दिशा से चल रही तेज ठंडी हवाओं के चलते जहां वायु प्रदूषण (Air Pollution) में कुछ राहत देखने को मिली है वहीं दूसरी ओर तापमान में गिरावट के साथ ठंड का असर और तेज हो गया है. मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में कोल्ड वेव यानी शीत लहर के बने रहने की चेतावनी जारी की है. रविवार को नोएडा में दिनभर धूप खिली रही, लेकिन हवा में ठंडक बनी रही. शाम होते ही सर्द हवाओं ने लोगों को घरों में कैद कर दिया. न्यूनतम तापमान गिरकर 4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि अधिकतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.
मौसम विभाग (Meteorological Department) के अनुसार रविवार को उत्तर-पश्चिमी हवाएं 12 से 14 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलीं. इन हवाओं की वजह से हवा में जमी प्रदूषण की परत कुछ हद तक साफ हुई और वीजिबिलिटी भी बेहतर रही. हालांकि, इसके बावजूद नोएडा और ग्रेटर नोएडा की हवा अभी भी पूरी तरह साफ नहीं हो सकी है. रविवार को नोएडा का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 260 और ग्रेटर नोएडा का AQI 278 दर्ज किया गया, जो कि ऑरेंज जोन की श्रेणी में आता है. इसका मतलब है कि हवा अभी भी संवेदनशील लोगों के लिए नुकसानदायक बनी हुई है.
एक्सपर्ट्स का कहना है कि तेज ठंडी हवाओं के कारण प्रदूषण के कण ऊपर उठ जाते हैं, जिससे अस्थायी राहत मिलती है, लेकिन जब हवाएं धीमी पड़ती हैं तो प्रदूषण फिर से बढ़ सकता है. मौसम विभाग ने सोमवार के लिए कोल्ड वेव का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. विभाग के अनुसार आने वाले एक सप्ताह तक उत्तर-पश्चिमी हवाएं चलती रहेंगी, जिससे सुबह और रात के समय ठंड और ज्यादा बढ़ेगी. अनुमान है कि न्यूनतम तापमान 3 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है. दिन में भले ही धूप निकल रही हो, लेकिन हवा में मौजूद ठंडक की वजह से ठिठुरन का एहसास बना रहेगा. खासकर सुबह और शाम के समय लोगों को अधिक सतर्क रहने की जरूरत है.
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि जनवरी के मध्य तक सर्दी का यह असर बना रह सकता है. अगर जनवरी के शुरुआती दिनों की बात करें तो इस महीने के पहले 10 दिनों में हवा की स्थिति लगातार चिंता का विषय बनी रही. इनमें से पांच दिन एयर क्वालिटी रेड जोन और छह दिन ऑरेंज जोन में दर्ज किए गए. हालांकि जनवरी की शुरुआत से ही हल्की हवाएं चलने के कारण घने कोहरे से कुछ राहत जरूर मिली है. दिसंबर के आखिरी दिनों में जहां कोहरा ज्यादा देखने को मिल रहा था. वहीं इस बार जनवरी में कोहरे की तीव्रता अपेक्षाकृत कम रही है.
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved