वाशिंगटन। ईरान (Iran) में जारी बड़े पैमाने पर सरकार-विरोधी प्रदर्शनों (Anti-government protests) के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है। आर्थिक संकट, महंगाई और शासन (Economic crisis, inflation, and governance) की कठोर नीतियों के खिलाफ शुरू हुए ये विरोध अब हिंसक हो चुके हैं। ईरानी सुरक्षा बलों की कार्रवाई में अब तक 2500 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं। इंटरनेट ब्लैकआउट, गिरफ्तारियां और दमन जारी है, जिससे तेहरान में अशांति और गहरा गई है। इन सबके बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इन प्रदर्शनों पर खुलकर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने ट्रुथ सोशल पर कई पोस्ट में ईरानी प्रदर्शनकारियों को समर्थन दिया है। इतना ही नहीं, उन्होंने यहां तक कहा है कि मदद रास्ते में है। इन सबके बीच सवाल खड़ा होता है कि अगर ट्रंप हमले का आदेश देते हैं तो अमेरिका किन तरीकों से हमला कर सकता है? आइये जानते हैं…
बता दें कि मिडिल ईस्ट में अमेरिका मजबूत सैन्य उपस्थिति बनाए रखता है, जिसमें ओमान, कतर, बहरीन, कुवैत और इराक में अड्डे और सुविधाएं शामिल हैं। उसकी यह उपस्थिति वाशिंगटन के दीर्घकालिक रणनीतिक निवेश को दर्शाती है, इसके साथ ही अमेरिकी सेनाओं को जवाबी हमलों के खतरे में भी डालती है। पिछले साल ईरान ने क्षेत्र में एक अमेरिकी अड्डे को निशाना बनाया था, जिसके बाद वाशिंगटन को वहां सैनिकों की संख्या कम करनी पड़ी थी। पिछले साल जून में तेहरान ने कतर के अल उदैद अड्डे पर हमला कर अपनी ताकत का प्रदर्शन किया। ईरान ने इसे अमेरिकी हमलों के जवाब में बताया। उस घटना के बाद सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के वरिष्ठ सलाहकार अली शमखानी ने ट्रंप को चेतावनी दी कि इस हमले ने ईरान की इच्छाशक्ति और क्षमता को साबित कर दिया है।
ईरान पर छह तरीकों से हमला कर सकता है अमेरिका
अब सवाल खड़ा होता है कि अगर ट्रंप सैन्य कार्रवाई को मंजूरी देते हैं, तो अमेरिका ईरान पर कैसे और किन तरीकों से हमला बोलेगा और उसके पास क्या-क्या विकल्प है? आइये जानते हैं…
क्षेत्रीय ठिकानों से हवाई हमले: मिडिल ईस्ट में तैनात बी-52 बमवर्षक विमानों और लड़ाकू जेटों से ईरानी सैन्य प्रतिष्ठानों पर हमला किया जा सकता है
नौसेना आधारित मिसाइल हमले: फारस की खाड़ी में तैनात विमानवाहक पोतों, विध्वंसक जहाजों या पनडुब्बियों से क्रूज मिसाइलें दागी जा सकती हैं, जो शासन के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को निशाना बना सकती हैं
ड्रोन युद्ध: सशस्त्र ड्रोनों का उपयोग उच्च-मूल्य वाले लक्ष्यों के खिलाफ सटीक हमलों के लिए किया जा सकता है, जैसे ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड के ठिकाने या विरोध दबाने वाली इकाइयां
साइबर युद्ध: अमेरिकी साइबर ऑपरेशन ईरानी कमान प्रणालियों, संचार नेटवर्क और सैन्य समन्वय को बाधित कर सकते हैं, जिससे तेहरान की प्रभावी जवाबी कार्रवाई की क्षमता सीमित हो जाएगी
गुप्त विशेष बल अभियान: विशेष इकाइयां महत्वपूर्ण सैन्य या रणनीतिक संपत्तियों के खिलाफ तोड़फोड़ अभियान चला सकती हैं, जिससे पूर्ण पैमाने पर आक्रमण से बचा जा सके और ईरान की क्षमताएं कमजोर हों
लंबी दूरी की मिसाइलों से हमले: मिसाइल उत्पादन सुविधाओं या परमाणु स्थलों पर केंद्रित हमले किए जा सकते हैं, जैसा कि कुछ महीने पहले अमेरिका ने ईरान की सैन्य क्षमता कमजोर करने के उद्देश्य से किया था
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