वाशिंगटन। अमेरिका में सीनेटर (Senator in the United States) के सामने गर्भपात संबंधी दवाओं (Abortion pills) को लेकर चल रही बहस में पुरुषों के गर्भवती (Men getting pregnant) होने की संभावना पर चर्चा की गई। रिपब्लिकन सीनेटर हॉली (Republican Senator Hawley) ने भारतीय मूल की डॉक्टर से सवाल पूछा कि क्या जैविक पुरुष गर्भधारण कर सकते हैं?
क्या एक पुरुष गर्भवती हो सकता है? इस सवाल को लेकर एक अमेरिकी रिपब्लिकन सीनेटर और भारतीय मूल की डॉक्टर के बीच में जमकर बहस हो गई। यह पूरा मामला डर्कसेन सीनेट कार्यालय में सामने आया,जहां पर गर्भपात संबंधी परेशानियों और सरकार द्वारा गर्भपात की दवाओं पर लगाए जा रहे प्रतिबंध के विरोध कर रही समिति की सुनवाई चल रही थी। इसमें सीनेटर्स के सामने भारतीय मूल की अमेरिकी डॉक्टर निशा वर्मा थी, जबकि मुख्य सवाल रिपब्लिकन सीनेटर जोश हॉली पूछ रहे थे।
इसके बाद रिपब्लिकन सीनेटर हॉली ने माइक अपनी ओर लेते हुए कहा, “एशले ने यह मुद्दा उठाया है, तो चलिए यहीं से शुरू करते हैं। डॉक्टर वर्मा, क्या आपको लगता है, कि पुरुष गर्भवती हो सकते हैं?”
डॉक्टर वर्मा ने कहा, “मैं विभिन्न पहचान वाले मरीजों का इलाज करती हूं, मैं कई महिलाओं का इलाज करती हूं, मैं विभिन्न पहचान वाले लोगों का इलाज करती हूं।”
इस पर उन्हें बीच में टोकते हुए हॉली ने कहा, “अच्छा, लक्ष्य तो सच्चाई जानना है, तो क्या पुरुष गर्भवती हो सकते हैं?” हॉली ने फिर पूछा। डॉ वर्मा ने कहा, “मुझे ठीक से नहीं पता कि प्रश्न का उद्देश्य क्या है।” इससे पहले कि हॉली ने उन्हें बीच में ही रोक दिया और कहा कि उद्देश्य जैविक वास्तविकता स्थापित करना है।
हॉली बार-बार उन्हें इस सवाल का जवाब हां या ना में देने के लिए कहते रहे, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। बाद में डॉक्टर वर्मा ने कहा कि वह उस सवाल के जवाब में इसलिए हिचकिचाई क्योंकि उन्हें नहीं पता था, कि इस सवाल का क्या उद्देश्य क्या है।
हालांकि, डॉक्टर वर्मा के इस टालमटोल वाले जवाब के बाद सीनेटर ने और सख्त होते हुए कहा, “कई लोग, बेवसाइट्स आपको विशेषज्ञ कहती हैं। आप एक डॉक्टर हैं और आप विज्ञान और प्रमाणों का पालन करती हैं। मैं केवल प्रमाणों के आधार पर जानना चाहता हूं। क्या पुरुष गर्भवती हो सकते हैं? यह हां या ना का प्रश्न है।”
वर्मा ने फिर भी सीधा जवाब देने से इनकार कर दिया और कहा, “मुझे आपसे ध्रुवीकरण की भावना से रहित बातचीत करने में खुशी होगी।” इसके बाद, हॉली ने फिर से दोहराया कि केवल एक जैविक पुरुष और एक जैविक महिला होती है, और केवल महिला ही गर्भवती हो सकती है।
हॉली ने डॉक्टर पर तीखा हमला करते हुए कहा, “मुझे लगता है कि यह असाधारण है कि हम विज्ञान और महिलाओं के बारे में सुनवाई में हैं। रिकॉर्ड के लिए, महिलाएं गर्भवती होती हैं, पुरुष नहीं। आप इस बुनियादी सच्चाई को भी नहीं मानती कि जैविक रूप से पुरुष गर्भवती नहीं होते। जैविक रूप से पुरुष और महिला में अंतर होता है। मुझे नहीं पता कि हम आपको और विज्ञान के जानकार होने के आपके दावों को कैसे गंभीरता से ले सकते हैं।”
वर्मा ने अपने दृष्टिकोण का बचाव करते हुए कहा, “मैं विज्ञान की जानकार हूं, मैं यहां मरीजों के जटिल अनुभवों का प्रतिनिधित्व करने के लिए भी हूं। मुझे नहीं लगता कि बात घुमाने वाली भाषा या प्रश्न इस उद्देश्य को पूरा करते हैं।”
जवाब में हॉली ने कहा, “यह कहना बात घुमाना नहीं है कि पुरुषों और महिलाओं के बीच वैज्ञानिक अंतर है। यह कहना ध्रुवीकरण नहीं है कि महिलाएं एक जैविक वास्तविकता हैं और उनके साथ वैसा ही व्यवहार किया जाना चाहिए और उन्हें उसी रूप में संरक्षित किया जाना चाहिए। महिलाओं को महिला और पुरुषों को पुरुष के रूप में मान्यता देने से आपका इनकार विज्ञान, जनविश्वास और महिलाओं के लिए संवैधानिक सुरक्षा के लिए गहरा हानिकारक है।”
दरअसल, यह पूरा मामला रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक राजनीति से प्रेरित था। रिपब्लिकन पार्टी शुरुआत से ही गर्भपात और समलैंगिकता के खिलाफ आवाज उठाती रही है। वर्तमान में अमेरिका में उन्हीं की सरकार है, ऐसे में गर्भपात संबंधी नियम भी कड़े हो गए हैं। राष्ट्रपति ट्रंप समेत उनके कई साथी खुले आम समलैंगिकों और गर्भपात को लेकर अपने विचार साझा कर चुके हैं।
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