
नई दिल्ली. बांग्लादेश (Bangladesh) में कानून-व्यवस्था को चुनौती देती भीड़ हिंसा की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं. ताजा मामला चिटगांव जिले के सलीमपुर इलाके से सामने आया है, जहां रैपिड एक्शन बटालियन (RAB) की एक टीम पर अपराधियों की भीड़ ने हमला कर दिया. इस हमले में एक RAB अधिकारी की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई, जबकि तीन अन्य अधिकारी गंभीर रूप से घायल हो गए.
स्थानीय मीडिया और सुरक्षा सूत्रों के मुताबिक, RAB की टीम एक विशेष कार्रवाई के सिलसिले में सलीमपुर इलाके में पहुंची थी. इसी दौरान वहां पहले से मौजूद आपराधिक तत्वों के एक झुंड ने टीम को घेर लिया. देखते ही देखते हालात बेकाबू हो गए और भीड़ ने RAB अधिकारियों पर हमला शुरू कर दिया.
बताया जा रहा है कि हमलावरों ने कुछ अधिकारियों को बंधक भी बना लिया था. इसी दौरान एक अधिकारी को भीड़ ने बेरहमी से पीटा, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई. बाकी अधिकारियों को किसी तरह छुड़ाकर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है. घटना के बाद इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है.
अल्पसंख्यकों पर भी लगातार हो रहे भीड़ हमले
इस घटना ने बांग्लादेश में बढ़ती हिंसा और कानून-व्यवस्था की स्थिति पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं. यह वारदात ऐसे समय में हुई है, जब अल्पसंख्यकों पर भी लगातार हमलों की खबर सामने आ रही है. हालांकि, हाल ही में बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने दावा किया था कि 2025 में अल्पसंख्यकों से जुड़े ज्यादातर मामले सांप्रदायिक नहीं, बल्कि आपराधिक प्रकृति के थे.
बांग्लादेश में हिंसा पर यूनुस सरकार की रिपोर्ट
मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस के प्रेस विंग की ओर से जारी बयान के अनुसार, जनवरी से दिसंबर 2025 के बीच अल्पसंख्यक समुदाय से जुड़े कुल 645 मामले दर्ज किए गए, जिनमें से 71 को सांप्रदायिक प्रकृति का माना गया. इनमें मंदिरों में तोड़फोड़, आगजनी, धमकी और एक हत्या का मामला शामिल था. शेष 574 घटनाओं को जमीन विवाद, पड़ोसी झगड़े, चोरी, निजी दुश्मनी, बलात्कार और असामान्य मौतों जैसी आपराधिक या सामाजिक घटनाएं बताया गया.
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