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लक्ष्मी गणेश और सरस्वती: धन, बुद्धि और ज्ञान का त्रिवेणी संगम ही है जीवन की असली सफलता का आधार

January 20, 2026

नई दिल्ली । Maa Laxmi Ganesha Ji Saraswati Puja Significance: इस भौतिक संसार में व्यक्ति को हर ऐशोआराम चाहिए और इसके लिए धन की जरूरत होती है. हिंदू धर्म में मां लक्ष्मी( Goddess Lakshmi)की आराधना (Worship)धन का आशीर्वाद( Blessings)पाने के लिए की जाती है लेकिन क्या आप जानते हैं जिस घर में बिना सरस्वती जी और गणेशजी के मां लक्ष्मी की पूजा होती है उस घर के लोगों की बुद्धि भ्रष्ट हो जाती है. इसके पीछे का क्या गुढ़ महत्व है? ऐसा क्यों होता है कि मां लक्ष्मी के गुण के साथ साथ सरस्वती जी (Saraswati ji)और गणेश जी(Lord Ganesha) के गुणों की भी एक मनुष्य को जरूरत होती है. आइए इस बारे में विस्तार से जानें.
जीवन में धन का संतुलन जरूरी
मां लक्ष्मी, मां सरस्वती और गणेश जी यानी ये तीनों ही तीन गुण धन, ज्ञान और बुद्धि के प्रतीक हैं. मां लक्ष्मी धन की अधिष्ठात्रि देवी हैं तो वहीं मां सरस्वती ज्ञाम की अधीष्ठात्रि देवी हैं और बुद्धि के देवता गणेश जी है. लक्ष्मी जी यानी धन को पाने से लेकर उसके खर्चों को संतुलित रखने के लिए जरूरी है कि किसी व्यक्ति को ज्ञान हो, इसक तरह लक्ष्मी जी के साथ सरस्वती जी की कृपा भी जरूरी है. बिना ज्ञान के धन नहीं कमा सकते और न तो इसे खर्च करने या संचित करने का ही ज्ञान होगा. धन और ज्ञान पर संतुलन बना रहे इसके लिए जरूरी है कि बुद्धि के देवता की कृपा हो क्योंकि बिना बुद्धि के धन और ज्ञान को जीवन में उतारना और उसकेमें संतुलन बनाए रखना संभव नहीं है. यही कारण है कि इन तीनों देवी देवताओं की एक साथ पूजा करने का विधान है ताकि धन के साथ साथ बुद्धि और ज्ञान का भी वरदान मिल सके.
मां लक्ष्मी को घर बुलाना
मां लक्ष्मी जी को जिस घर में अकेले बुलाया जाता है उसका लाभ घर के लोगों को नहीं होता है क्योंकि बिना ज्ञान और बुद्धि के धन जब व्यक्ति पाता है तो उसकी बुद्धि तो भ्रष्ट हो ही जाती है, इसके साथ ही उसकी नीयत भी खराब हो सकती है. धन ऊर्जा ऐसी है कि अगर इसके संतुलित ढंग से न उपयोग में लाया गया तो यह ऊर्जा बहुत बुरे परिणाम दो सकती है. यही कारण है कि मां लक्ष्मी के साथ मां सरस्वती और गणेश जी की पूजा की जाती है.
बुद्धि और ज्ञान का होना जरूरी

 


  • ध्यान दे कि अगर कोई व्यक्ति आध्यात्मिक हो या न हो धन की जरूरत तो हर किसी को होती है और कलियुग में बिना धन के गुजारना लगभग ना के बराबर ही है. ऐसे में जिन लोगों की सोच धन के ईर्द गिर्द घूमती है वह मां लक्ष्मी जी की पूजा करते हैं और फिर देवी का आवाह्नन करते हैं और धन के पीछे भागते रहते हैं तो वे ज्ञान और बुद्धि से अनछुए रह जाते हैं. ऐसे में लक्ष्मी जी की कृपा तो मिल जाती है लेकिन बुद्धि भ्रष्ट होती है जिससे मोह के घेरे में व्यक्ति फंसा रहता है. इस तरह जिसके पास धन होता है उसके बुद्धि और ज्ञान का होना भी बहुत जरूरी है.

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