तेहरान। ईरान (Iran) में जारी सरकार विरोधी प्रदर्शन के बीच खामेनेई शासन (Khamenei regime) पर बड़े आरोप लग रहे हैं। मानवाधिकार समूहों (Human rights groups) ने दावा किया है कि मौतों का आंकड़ा अनुमान से कहीं ज्यादा हो सकता है। वहीं रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया जा रहा है कि ईरानी सरकार इस विद्रोह को कुचलने के लिए प्रदर्शनकारियों को बेरहमी से मरवा रही है। एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि बीते दिनों खामेनेई सरकार ने ऐतिहासिक ईरानी बाजार में बीच चौराहे कई प्रदर्शनकारियों को जिंदा जला दिया। यहां की कुछ भयावह तस्वीरें भी सामने आई हैं।
खामेनेई की तुलना हिटलर से
नॉर्वे स्थित एक NGO ईरान ह्यूमन राइट्स (IHR) ने इस घटना का विवरण साझा करते हुए बताया कि अंदर मौजूद लोगों ने पहले ही सुरक्षा बलों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया था। इसके बावजूद, उन्हें जिंदा जला दिया गया। संगठन ने बाजार के जले हुए अवशेषों का फुटेज भी शेयर किया।
इस घटनाक्रम को ‘ईरान के होलोकॉस्ट’ का नाम दिया जा रहा है। पूर्व ईरानी राजनीतिक कैदी और वॉयस ऑफ अमेरिका के फारसी डिवीजन के मैनेजिंग एडिटर, अराश सिगारची ने एक्स पर यह तस्वीर शेयर की करते हुए खामेनेई की तुलना हिटलर से की है। उन्होंने लिखा, “अगर यह मानवता के खिलाफ अपराध नहीं है, तो क्या है?” सिगारची ने कहा कि ईरानी शासन नाजी जैसा व्यवहार कर रहा है।
मौतों का आंकड़ा भयावह
इस बीच ईरान में देशभर में जारी विरोध प्रदर्शनों में शामिल प्रदर्शनकारियों पर सख्त कार्रवाई में कम से कम लगभग 5000 लोगों की मौत हो गई है। अमेरिका स्थित ‘ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी’ ने यह आंकड़े जारी करते हुए कहा कि कार्रवाई के दौरान 26,000 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है। एजेंसी के मुताबिक मृतकों में 3,786 प्रदर्शनकारी, 180 सुरक्षाकर्मी शामिल है। वहीं इन कार्रवाई में 28 बच्चे और 35 ऐसे लोग भी मारे गए जो किसी भी प्रदर्शन में भाग नहीं ले रहे थे। आशंका है कि मारे गए लोगों की संख्या इससे कहीं अधिक हो सकती है।
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