
नई दिल्ली: बॉलीवुड के दिग्गज गायक कुमार सानू (Singer Kumar Sanu) ने अपनी पूर्व पत्नी रीता भट्टाचार्य (Former Wife Rita Bhattacharya) के खिलाफ 50 करोड़ रुपये का मानहानि केस (Defamation Case) दर्ज किया था, जिसमें बॉम्बे हाईकोर्ट (Bombay High Court) ने सिंगर को अंतरिम राहत दी है. कोर्ट ने रीता भट्टाचार्य और कुछ मीडिया घरानों को कुमार सानू के खिलाफ किसी भी तरह के अपमानजनक बयान देने या प्रकाशित करने से रोक दिया है.
जस्टिस मिलिंद जाधव ने बुधवार 22 जनवरी को सुनवाई के दौरान कुमार सानू के पक्ष में आदेश जारी करते हुए निर्देश दिए कि रीता भट्टाचार्य और मीडिया हाउस अब सिंगर या उनके परिवार के खिलाफ कोई भी झूठा, अपमानजनक बयान पोस्ट, शेयर या प्रसारित नहीं कर पाएंगे.
‘बार एंड बेंच’ की रिपोर्ट के अनुसार, अदालत ने कमेंट किया कि रीता भट्टाचार्य के पिछले इंटरव्यू ‘निष्पक्ष कमेंट’ की सीमा लांघ चुके हैं. जस्टिस मिलिंद जाधव ने कहा, ‘इंटरव्यू में इस्तेमाल किए गए शब्दों से साफ है कि सिंगर पर निजी हमले किए गए हैं.’ यह रोक सोशल मीडिया, प्रिंट और डिजिटल सभी प्लेटफॉर्म्स पर तब तक लागू रहेगी, जब तक अंतरिम आवेदन पर अंतिम सुनवाई नहीं हो जाती.
कुमार सानू ने सितंबर 2025 में कुछ मशहूर यूट्यूब चैनल्स पर दिए गए रीता भट्टाचार्य के इंटरव्यूज को लेकर केस किया था. कुमार सानू का दावा है कि इंटरव्यू में उनके वैवाहिक जीवन को लेकर झूठे और सनसनीखेज आरोप लगाए गए. सिंगर की वकील सना रईस खान ने दलील दी कि इन वीडियो की वजह से सिंगर की इमेज को भारी ठेस पहुंची है और उनके कई ग्लोबल शोज रद्द हो गए हैं. वकील ने यह भी याद दिलाया कि दिल्ली हाईकोर्ट पहले ही कुमार सानू के ‘पर्सनैलिटी राइट्स’ की रक्षा का आदेश दे चुका है.
रीता भट्टाचार्य के वकील ने सुनवाई के दौरान प्रस्ताव दिया कि इस विवाद को बातचीत के जरिए सुलझाया जाए, क्योंकि उनके बेटे की हाल में शादी हुई है. कोर्ट ने इस प्रस्ताव को रिकॉर्ड पर लिया है, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि रीता भट्टाचार्य को तत्काल प्रभाव से सानू के खिलाफ आरोप लगाना बंद करना होगा. कोर्ट ने सानू के वकील से पूछा है कि क्या वे अपने अधिकारों से समझौता किए बिना मध्यस्थता के लिए तैयार हैं. कोर्ट ने फिलहाल उन पुराने आपत्तिजनक वीडियो को हटाने का आदेश नहीं दिया है. मामले की अगली सुनवाई 28 जनवरी को तय की गई है.
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved