
नई दिल्ली: दिल्ली (Delhi) में 77वें गणतंत्र दिवस (77th Republic Day) की तैयारियां पूरी हो गई है. लोगों में 26 जनवरी को मनाए जाने वाले इस राष्ट्रीय पर्व (National festival) को लेकर गजब का उत्साह देखा जा रहा है. भारत ने 26 जनवरी 1950 को संविधान लागू कर लोकतांत्रिक गणराज्य के रूप में नई पहचान बनाई. संविधान निर्माण का ऐतिहासिक कार्य डॉ. बी.आर. आंबेडकर की अध्यक्षता में हुआ, जबकि देश के एकीकरण में सरदार वल्लभभाई पटेल की अहम भूमिका रही.
इस साल गणतंत्र दिवस कई मानों में खास होने वाला है. इसमें ऑपरेशन सिंदूर की झलक भी दिखेगी, इसके साथ ही सेनाओं का शौर्य भी दिखेगा. इस साल 77वें गणतंत्र दिवस की थीम वंदे मातरम् के 150 वर्ष पर आधारित है. सरकार ने 7 नवंबर 2025 से इसके 150वें वर्ष को सालभर मनाने का फैसला किया है.
सांस्कृतिक विविधता और देशभक्ति की भावना
बताया जा रहा है कि गणतंत्र दिवस परेड के दौरान कर्तव्य पथ पर वंदे मातरम् से जुड़ी विशेष पेंटिंग्स और डिस्प्ले लगाए जाएंगे. परेड के अंत में वंदे मातरम् वाला बैनर अनावरण और रबर गुब्बारे छोड़े जाएंगे. यह आयोजन देशभक्ति और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को समर्पित रहेगा. गणतंत्र दिवस समारोह 2026 में इस बार देश की सांस्कृतिक विविधता और देशभक्ति की भावना को खास तौर पर दिखाया जा रहा है.
कर्तव्य पथ पर पारंपरिक परिधान में जोड़े: हर राज्य और केंद्रशासित प्रदेश से करीब 50 जोड़े आमंत्रित किए गए हैं. ये जोड़े अपने-अपने क्षेत्रीय पारंपरिक कपड़ों में नजर आएंगे, जिससे भारत की एकता और विविधता का संदेश मिलेगा.
लाल किले परभारत पर्व का आयोजन : पर्यटन मंत्रालय 26 से 31 जनवरी 2026 तक लाल किला में भारत पर्व आयोजित करेगा. भारत पर्व में गणतंत्र दिवस की झांकियां, क्षेत्रीय खानपान, हस्तशिल्प-हथकरघा, सांस्कृतिक कार्यक्रम और केंद्रीय मंत्रालयों के स्टॉल होंगे.
भारत पर्व में दिखेंगी ये झांकियां: चंडीगढ़, लद्दाख, अरुणाचल प्रदेश, बिहार, दिल्ली, गोवा, झारखंड, कर्नाटक, त्रिपुरा, उत्तराखंड और DRDO.
वीर गाथा 5.0 में रिकॉर्ड भागीदारी: रक्षा मंत्रालय और शिक्षा मंत्रालय की पहल में 1.92 करोड़ छात्रों ने हिस्सा लिया है. 100 छात्र विजेता चुने गए, जिन्हें दिल्ली में सम्मानित किया जाएगा. विजेता छात्र कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस परेड भी देखेंगे.
EU के शीर्ष नेता मुख्य अतिथि
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर यूरोपीय संघ के दो शीर्ष नेता यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन 25 से 27 जनवरी 2026 तक भारत दौरे पर रहेंगे. दोनों नेता 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होंगे. यह दौरा भारत-EU संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है.
गणतंत्र दिवस परेड के स्पेशल गेस्ट
कर्तव्य पथ पर लगभग 10,000 विशेष अतिथि मौजूद रहेंगे.
ये देश के अलग-अलग क्षेत्रों से आए ऐसे नागरिक हैं जो नए भारत के निर्माण में अहम भूमिका निभा रहे हैं.
इन्हें आत्मनिर्भर, समावेशी और भविष्य-तैयार भारत के असल नायक बताया गया.
कौन-कौन शामिल
विश्व चैंपियन पैरा-एथलीट्स
प्राकृतिक और जलवायु-सहनीय खेती करने वाले किसान
ISRO, DRDO और डीप ओशन मिशन के वैज्ञानिक
सेमीकंडक्टर, बायोटेक और ग्रीन हाइड्रोजन जैसे क्षेत्रों के इनोवेटर्स
महिला उद्यमी, SHG लीडर्स और लखपति दीदी
खादी, कॉयर और पीएम विश्वकर्मा योजना से जुड़े कारीगर
समाज के हर वर्ग का प्रतिनिधित्व
जनजातीय परिवर्तनकारी लोग
सम्मान के साथ पुनर्वास पाए ट्रांसजेंडर नागरिक
गंगा के वॉटर वॉरियर्स
आपदा राहत में जुटे स्वयंसेवक
आंगनवाड़ी कार्यकर्ता
स्ट्रीट वेंडर्स और श्रमिक वर्ग
कर्तव्य पथ/कर्तव्य भवन निर्माण में लगे कामगार
BRO (बॉर्डर रोड्स ऑर्गेनाइजेशन) के कर्मी
सरकारी योजनाओं के लाभार्थी भी मौजूद
आवास, स्वास्थ्य, रोजगार/जीविका, पेंशन और हर घर नल जल जैसी योजनाओं के लाभार्थी शामिल हैं.
युवा प्रतिभाओं को भी खास जगह
अटल टिंकरिंग लैब के इनोवेटर्स
ओलंपियाड पदक विजेता
वीर गाथा विजेता
My Bharat वॉलंटियर्स
नेशनल स्कूल बैंड चैंपियंस
मन की बात के प्रतिभागी
अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि भी शामिल
इंटरनेशनल यूथ डेलीगेट्स
ग्लोबल मॉन्क डेलीगेशन (भारत की सभ्यतागत पहचान का प्रतीक)
गणतंत्र दिवस 2026 के मुख्य बिंदु
राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर PM की श्रद्धांजलि: गणतंत्र दिवस की शुरुआत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इंडिया गेट स्थित नेशनल वॉर मेमोरियल पर शहीदों को श्रद्धांजलि देंगे.
त्रि-सेवा गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाएगा.
इस बार भारतीय वायुसेना लीड सर्विस रहेगी और गार्ड ऑफ ऑनर का नेतृत्व एयरफोर्स अधिकारी करेंगे.
संविधान के 76 वर्ष पूरे होने की झलक दिखेगी.
मिलिट्री बैंड की प्रस्तुति: संयुक्त सैन्य बैंड वंदे मातरम् के बाद जन गण मन प्रस्तुत करेगा.
राष्ट्रपति की एस्कॉर्ट: राष्ट्रपति कर्तव्य पथ पर राष्ट्रपति के अंगरक्षक (PBG) की घुड़सवार टुकड़ी के साथ पहुंचेगी. 21 तोपों की सलामी: गणतंत्र दिवस पर देश को 21 गन सेल्यूट दिया दिया जाएगा. यह सलामी 105 mm लाइट फील्ड गन से दी जाएगी. ध्वजारोहण और राष्ट्रगान: राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद सेवा बैंड द्वारा राष्ट्रगान बजाया जाएगा, जिससे परेड की औपचारिक शुरुआत होगी.
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