नई दिल्ली। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद (Shankaracharya Avimukteshwarananda) के ब्राह्मण बटुकों (Brahmin batukon) पर अत्याचार और यूजीसी के नए नियमों के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए इस्तीफा देने वाले पीसीएस अधिकारी निलंबित सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने खुद को ‘हाउस अरेस्ट’ बताया है। उन्होंने कहा कि एडीएम कंपाउंड को मिनी जेल बना दिया गया है। मैं अभी बाहर नहीं निकल पा रहा हूं। मेरी फंडामेंटर राइट है कि कहीं भी जा सकता हूं लेकिन ऐसा नहीं कर पा रहा हूं। मेरे कहीं भी जाना चाहता हूं या खाने जाना चाहता हूं, फिर भी नहीं जाने दिया जा रहा है। सांविधानिक मशीनरी पूरी तरह भंग हो चुकी है।
वहीं, प्रशासन ने मंगलवार देर रात एडीएम कंपाउंड की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी। मुख्य गेट पर आवाजाही सीमित करते हुए पुलिस और पीएसी की तैनाती की गई है। परिसर की निगरानी के लिए अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं। पूरे परिसर को लगभग पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया। एक गेट को पूरी तरह बंद कर दिया गया है, जबकि दूसरे गेट से केवल पूछताछ और पहचान के बाद ही प्रवेश दिया जा रहा है।
बीते दो दिनों से अलंकार अग्निहोत्री के समर्थन में जुट रहे लोगों को अब परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा रही है। सिटी मजिस्ट्रेट और कंपाउंड की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी की संख्या और बढ़ाई गई है। प्रशासन उन लोगों की भी जानकारी जुटा रहा है, जो हाल के दिनों में सिटी मजिस्ट्रेट के अधिक संपर्क में रहे हैं। यह भी जांच की जा रही है कि कहीं किसी के प्रभाव या बहकावे में आकर उन्होंने यह कदम तो नहीं उठाया।
‘हाउस अरेस्ट’ का स्टेटस भी किया पोस्ट
सुरक्षा व्यवस्था कड़ी होने के बाद मंगलवार शाम 7:48 बजे सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने व्हाट्सएप स्टेटस लगाया। इसमें उन्होंने लिखा कि वह एडीएम कंपाउंड में हाउस अरेस्ट हैं और केवल फोन के माध्यम से ही संवाद संभव है। उन्होंने यह भी लिखा कि यदि वह अनरीचेबल हो जाएं तो लोग संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत रिट दाखिल करें।
स्टेटस में उन्होंने लोकतंत्र की रक्षा के लिए आगे आने की अपील की और कहा कि उनके गायब होने की स्थिति में पीएमओ, गृह मंत्रालय के साथ-साथ हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ताओं को सूचना दी जाए। एक अन्य स्टेटस में उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस को कंपाउंड में जैमर लगाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि उन्हें बाहरी दुनिया से संपर्क से अलग किया जा सके।
इसके कुछ देर बाद अंदर से ही मीडिया से बात करते हुए कहा कि अभी मैं एडीएम कंपाउंड में हाउस अरेस्ट हूं। जिसे मिनी जेल के रूप में कन्वर्ट कर दिया गया है। मैं अभी बाहर नहीं निकल सकता हूं।
शासन की नजर, जल्द समाधान के निर्देश
सोमवार से मंगलवार तक की समूची गतिविधियों पर शासन की लगातार नजर बनी रही। देर शाम शासन को पूरे दिन के घटनाक्रम से अवगत कराया गया। शासन स्तर से अधिकारियों को मामले का शीघ्र समाधान निकालने के निर्देश दिए गए हैं।
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