
इंदौर। शहर के बाहर दोनों तरफ बन रहे नए सिक्स लेन बायपास रोड के लिए वन विभाग और रहवासियों को भारी कीमत चुकाना पड़ रही है। वन विभाग के अनुसार इंदौर फॉरेस्ट रेंज की सबरेंज तिल्लौर के जंगलों में 4953 और देपालपुर फॉरेस्ट सबरेंज में 223 पेड़ काटने की अनुमति मिल चुकी है। मतलब इंदौर के जंगल में 5176 पेड़ काटे जाएंगे।
फॉरेस्ट रेंजर संगीता ठाकुर के अनुसार पीथमपुर के खण्डवा से लेकर भरदला तक इंदौर के ईस्ट और वेस्ट में दोनों तरफ बन रहे नए बायपास के लिए तिल्लौर सबरेंज में 41.81 हेक्टेयर और देपालपुर फॉरेस्ट सबरेंज में माचल बीट में 8 हेक्टेयर के जंगल में से पेड़ काटे जाएंगे। देपालपुर सबरेंज के 8 हेक्टेयर जंगल में 223 पेड़ कटेंगे, जिसमें सागवान के 78 और अन्य प्रजाति के 145 पेड़ काटे जाएंगे।
वन विभाग के अमित तोमर के अनुसार पेड़ काटने की अनुमति मिल चुकी है। अन्य प्रजाति के पेड़ों में नीम, खिंजड़ा यूकेलिप्टिस सहित कई प्रजातियां शामिल हैं। इन पेड़ों की कटाई के बदले में बायपास रोड बनाने वाली एजेंसी को 10 गुना पेड़ लगाने और इनके बड़े हो जाने तक मतलब 10 साल तक उनकी देखरेख के लिए खर्च होने वाली राशि का भुगतान इंदौर वन विभाग को करना होगा।
हर प्रजाति के पेड़ कटेंगे
तिल्लौर फारेस्ट सबरेंज के जंगल कक्ष क्रमांक 256 में 1218 पेड़ कटेंगे, जिसमें सागवान के 754 और बाकी अन्य प्रजाति के 461 पेड़ हैं। कक्ष क्रमांक 186 में 1605 पेड़ इनमें सागवान के 514 और अन्य प्रजाति के 1091 पेड़ कटेंगे। इसी तरह कक्ष क्रमांक 192 में 1205 पेड़ इनमें से 835 सागवान और अन्य प्रजाति के 370 पेड़ और कक्ष क्रमांक 191 में 925 पेड़ कटेंगे। इनमें 730 सागवान के और 195 अन्य प्रजाति के हैं।
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