
नई दिल्ली: भारत ग्लोबल इकोनॉमी (Global Economy) का नया बाहुबली बनने की कोई कसर नहीं छोड़ रहा है. इसका उदाहरण हमें देश के बजट (Budget 2026) को देखकर लगा लेना चाहिए. भारत की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस बार 583.5 अरब डॉलर यानी 53.5 लाख करोड़ रुपए के बजट का ऐलान किया है. खास बात तो ये है कि देश का ये सालाना बजट दुनिया के 165 देशों की जीडीपी से भी ज्यादा है.
इसका मतलब है कि दुनिया के 165 देशों की जीडीपी भी इतनी नहीं है. जितना भारत एक साल में देश को चलाने के लिए खर्च कर देता है. जबकि पिछले साल देश का बजट 50 लाख करोड़ रुपए से नीचे देखने को मिला था. आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर देश के बजट को लेकर सरकार की ओर से किस तरह के आंकड़े पेश किए हैं. साथ ही दुनिया के कौन से बड़े देशों की जीडीपी भारत के सालाना बजट से भी कम है.
कितना है देश का सालाना बजट
अगर बात देश के सालाना बजट की करें तो 53.5 लाख करोड़ रुपए यानी 583.5 अरब डॉलर है. जबकि पिछले साल देश का सालाना रिवाइज्ड बजट 50 लाख रुपए से भी कम देखने को मिला था. आंकड़ों पर बात करें तो ऐसा पहली बार हुआ है, जब देश का सालाना बजट 50 लाख करोड़ रुपए से ऊपर गया है. वहीं वित्त वर्ष 2025 का बजट 48.21 लाख करोड़ रुपए का था. उससे पहले वित्त वर्ष 2023 का बजट 45 लाख करोड़ रुपए का देखने को मिला था. वित्त वर्ष 2022 का बजट 39.45 लाख करोड़ रुपए देखने को मिला था. इसका मतलब है कि देश के बजट में हर साल जबरदस्त इजाफा देखने को मिला है.
13 बजट और 3 गुना का इजाफा
मोदी सरकार के टेन्योर का ये 13वां फुल बजट था. तब से अब तक बजट एक्सपेंडिचर में करीब 3 गुना का इजाफा देखने को मिल चुका है. जुलाई 2014 में मोदी का पहली फुल बजट सामने आया था. तब देश का बजट 17.95 लाख करोड़ रुपए देखने को मिला था. वित्त वर्ष 2027 का बजट 53.50 लाख करोड़ रुपए आंका गया है. इसका मतलब है कि बजट में 3 गुना की बढ़ोतरी देखने को मिल चुकी है. इसे फीसदी में देखने की कोशिश करें तो 200 फीसदी की तेजी देखने को मिल चुकी है. आने वाले सालों में इसमें और इजाफा देखने को मिल सकता है.
बजट एक्सपेंडिचर को लेकर कुछ खास आंकड़े
नॉन-डेट रिसिप्ट्स और कुल खर्च क्रमशः 36.5 लाख करोड़ रुपए और 53.5 लाख करोड़ रुपए अनुमानित हैं. केंद्र की नेट टैक्स रिसिप्ट्स 28.7 लाख करोड़ रुपए अनुमानित हैं.
ग्रॉस मार्केट उधार 17.2 लाख करोड़ रुपए और डेटेड सिक्योरिटीज से नेट मार्केट उधार 11.7 लाख करोड़ रुपए अनुमानित है.
नॉन-डेट रिसिप्ट्स का संशोधित अनुमान 34 लाख करोड़ है, जिसमें से केंद्र की नेट टैक्स रिसिप्ट्स 26.7 लाख करोड़ रुपए हैं.
कुल खर्च का रिवाइज्ड अनुमान 49.6 लाख करोड़ रुपए है, जिसमें से कैपेक्स लगभग 11 लाख करोड़ रुपए है.
वित्तीय वर्ष 2026-27 में फिस्कल डेफिसिट सकल घरेलू उत्पाद का 4.3 फीसदी अनुमानित है, जो इससे पहले 4.4 फीसदी था.
2026-27 के आर्थिक पूर्वानुमान (BE) में डेट-से-जीडीपी रेश्यो जीडीपी के 55.6 प्रतिशत पर अनुमानित है, जबकि 2025-26 के आर्थिक पूर्वानुमान (RE) में यह 56.1 प्रतिशत था.
दुनिया के 165 देशों की जीडीपी से ज्यादा बजट
खास बात तो ये है कि वित्त वर्ष 2027 का बजट दुनिया के 165 देशों की जीडीपी से ज्यादा है. दुनिया की 26वीं सबसे बड़ी इकोनॉमी के बाद किसी भी देश की जीडीपी इतनी नहीं है, जितना भारत का सालाना बजट है. खास बात तो ये है दुनिया की 27 सबसे बड़ी इकोनॉमी सिंगापुर की कुल जीडीपी 574.185 बिलियन डॉलर है. जबकि देश का बजट 583 बिलियन डॉलर से ज्यादा है. वहीं दुनिया की 28वीं सबसे बड़ी इकोनॉमी यूएई की जीडीपी 569.097 बिलियन डॉलर है.
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved