img-fluid

IRGC को आतंकी संगठन घोषित करने पर ईरान का तीखा जवाब, EU के सभी राजदूत तलब

February 03, 2026

तेहरान। ईरान और यूरोपीय संघ (European Union) के बीच कूटनीतिक तनाव और गहरा गया है। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) को आतंकवादी संगठन (Terrorist organization) घोषित करने के यूरोपीय संघ के फैसले के विरोध में ईरान ने सभी EU देशों के राजदूतों को तलब किया है। तेहरान ने इस कदम को अवैध, अनुचित और अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ बताया है।

यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब ईरान पहले से ही देशभर में हुए प्रदर्शनों पर कथित हिंसक कार्रवाई और सामूहिक फांसी के मामलों को लेकर अंतरराष्ट्रीय दबाव झेल रहा है। इसी बीच अमेरिका ने पश्चिम एशिया में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ाते हुए यूएसएस अब्राहम लिंकन विमानवाहक पोत और कई मिसाइल विध्वंसक जहाज तैनात कर दिए हैं। हालांकि अभी यह साफ नहीं है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सैन्य कार्रवाई का आदेश देंगे या नहीं, क्योंकि क्षेत्रीय देश किसी नए युद्ध को रोकने के लिए कूटनीतिक कोशिशें कर रहे हैं।



  • EU के फैसले से बढ़ा विवाद

    यूरोपीय संघ ने पिछले सप्ताह ईरान में हुए देशव्यापी प्रदर्शनों के दौरान कथित हिंसक कार्रवाई में IRGC की भूमिका का हवाला देते हुए उसे आतंकवादी संगठन घोषित करने पर सहमति जताई थी। इन प्रदर्शनों में हजारों लोगों की मौत और बड़ी संख्या में गिरफ्तारी के दावे किए गए हैं।

    अमेरिका और कनाडा पहले ही IRGC को आतंकवादी संगठन की सूची में शामिल कर चुके हैं। भले ही EU का यह कदम काफी हद तक प्रतीकात्मक माना जा रहा हो, लेकिन इससे ईरान पर आर्थिक और राजनीतिक दबाव बढ़ गया है, क्योंकि देश की अर्थव्यवस्था में IRGC की अहम भूमिका है।

    ईरान की चेतावनी और जवाबी कदम की तैयारी

    ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघाई ने बताया कि रविवार से EU राजदूतों को तलब करने की प्रक्रिया शुरू हुई और सोमवार तक जारी रही। उन्होंने कहा कि कई विकल्पों पर विचार किया जा रहा है और उन्हें निर्णय लेने वाले संस्थानों के पास भेज दिया गया है।

    बाघाई ने स्पष्ट किया कि यूरोपीय संघ के इस “अवैध और गलत” कदम के जवाब में ईरान आने वाले दिनों में ठोस फैसला ले सकता है।

    होर्मुज जलडमरूमध्य में सैन्य अभ्यास जारी

    इस बीच ईरान ने स्पष्ट किया है कि फारस की खाड़ी के प्रवेश द्वार होर्मुज जलडमरूमध्य में IRGC का सैन्य अभ्यास तय कार्यक्रम के अनुसार जारी है। यह जलडमरूमध्य वैश्विक तेल आपूर्ति के लिहाज से बेहद अहम है, जहां से दुनिया के करीब 20 प्रतिशत तेल व्यापार का आवागमन होता है।
    जब संभावित युद्ध को लेकर सवाल किया गया तो बाघाई ने कहा कि चिंता की कोई बात नहीं है, हालांकि उन्होंने यह बताने से इनकार कर दिया कि अमेरिका की ओर से ईरान को कोई समयसीमा दी गई है या नहीं।

    EU की सेनाओं को आतंकी मानने का एलान

    इससे पहले ईरानी संसद के अध्यक्ष ने 2019 के एक कानून का हवाला देते हुए कहा था कि अब ईरान यूरोपीय संघ की सभी सैन्य इकाइयों को आतंकवादी संगठन मानता है।

    IRGC का प्रभाव और इतिहास

    गौरतलब है कि IRGC की स्थापना 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद शिया नेतृत्व वाली सरकार की सुरक्षा के लिए की गई थी और बाद में इसे संविधान का हिस्सा बना दिया गया। यह नियमित सेना के समानांतर काम करता है।

    1980 के दशक में इराक के साथ युद्ध के दौरान इसकी ताकत और प्रभाव तेजी से बढ़ा। युद्ध के बाद इसके विघटन की चर्चा जरूर हुई, लेकिन सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने इसे निजी क्षेत्र में विस्तार की अनुमति दी, जिससे यह ईरान की राजनीति, सुरक्षा और अर्थव्यवस्था में एक शक्तिशाली संस्था बन गया।

    Share:

  • Weather: फिर बिगड़ा मौसम का मिजाज, पहाड़ से लेकर मैदान तक वर्षा, हिमपात और कोहरे की मार...

    Tue Feb 3 , 2026
    नई दिल्ली. दो और पश्चिमी विक्षोभों (Western disturbances) के सक्रिय होने से उत्तर-पश्चिम (Northwest) में मौसम (weather) फिर बिगड़ गया है। सोमवार को पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों हल्की बारिश (Light rain) के साथ ऊंचाई वाले इलाकों में हिमपात हुआ है, वहीं मैदानी इलाकों में बूंदाबांदी के साथ ठंडी हवाएं चली और कोहरा छाया रहा। हालांकि, तापमान […]
    सम्बंधित ख़बरें
    लेटेस्ट
    खरी-खरी
    का राशिफल
    जीवनशैली
    मनोरंजन
    अभी-अभी
  • Archives

  • ©2026 Agnibaan , All Rights Reserved