
नई दिल्ली । सपा प्रमुख अखिलेश यादव (SP chief Akhilesh Yadav) ने कहा कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील (India-US Trade Deal) खेती-किसानी से जुड़ी (Engaged in Agriculture) 70 प्रतिशत आबादी के साथ सीधा धोखा है (Is Direct Betrayal of the 70 percent Population) ।
अमेरिका के साथ संभावित ट्रेड डील को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर जोरदार हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि भारत के बाजार को अमेरिकी कृषि उत्पादों और खाद्यान्नों के लिए खोलना देश की खेती-किसानी और उस पर निर्भर करीब 70 प्रतिशत आबादी के साथ सीधा धोखा है। अखिलेश यादव एक्स पर पोस्ट कर कहा भाजपा ने फिर किया ‘किसानों’ पर वार,भाजपा सरकार दे जवाब, क्या है दबाव । भारत के बाज़ार को अमेरिकी कृषि उत्पादों व खाद्यान्नों के लिए खोल देना, हमारे देश की खेती-किसानी पर रोज़ी-बसर करने वाली 70% आबादी के साथ धोखा है। भाजपाई और उनके संगी-साथी आज़ादी से पहले भी विदेशियों के एजेंट थे, आज भी हैं। आत्मनिर्भरता और स्वदेशी की बात करनेवाले भाजपाई और उनके संगी-साथी जनता के बीच जाकर बताएं कि उन्होंने देश की अर्थव्यवस्था के साथ धोखा करने के लिए कितना कमीशन खाया है।
इससे केवल किसान ही नहीं, निम्न मध्यवर्ग और मध्यम वर्ग भी बुरी तरह प्रभावित होगा क्योंकि इससे खाद्यान्न और कृषि उत्पादों की मुनाफ़ाखोरी व बिचौलियों की एक नयी जमात पैदा हो जाएगी, जिसकी वजह से खाने-पीने की सब चीज़ें और भी महंगी हो जाएंगी। साथ ही भाजपा इन कंपनियों से चंदा वसूली भी करेगी, जिससे खाद्य व कृषि उत्पाद और भी ज़्यादा महंगे हो जाएंगे। इससे धीरे-धीरे हमारे किसानों की खेतीबाड़ी और आय कम हो जाएगी और वो मजबूर होकर अपनी ज़मीन अमीरों व कारपोरेट को बेचने पर मजबूर हो जाएंगे। ज़मीनों पर क़ब्ज़ा करना ही भाजपाई और उनके संगी-साथियों का आख़िरी मक़सद है।
भारतीय खेती के लिए घातक ‘सीड बिल’ उसी कृषि और किसान विरोधी भाजपा सरकार की दिमागी उपज है जो : – भूअधिग्रहण और काले-क़ानून लाई थी। जो हर साल खाद की लाइन में लोगों को लगाकर उनको अपमानित करती है। ये भाजपाई पहले बीज कंपनियों से कमीशन खाएंगे फिर…पेस्टीसाइड कंपनियों से, फिर महाभंडारण के लिए बनने वाले साइलो की कंपनियों से, फिर फ़सल बीमा कंपनियों से, फिर कम क़ीमत तय करते समय, फिर फ़सल की ख़रीद-फरोख्त करने वाले बिचौलियों से, भारतीय वातावरण में ऐसे सीड से खेती-किसानी पूरी तरह ध्वस्त हो जाएगी।
इसका संगठित रूप से पुरज़ोर विरोध होना चाहिए । एमआरपी और छुट्टा मवेशियों से परेशान किसान अब भाजपा सरकार की ज़्यादतियों को और नहीं सहेगा। ये भाजपाई खेती-किसानी को बर्बाद करने के लिए सब कुछ करेंगे क्योंकि ये वो लोग हैं जो ज़मीन के उत्खनन से लेकर खनन व उसकी पैदावार, सब पर गिद्ध निगाह रखते हैं और साल-दर-साल किसी न किसी रूप में किसानों पर वार करते हैं। भाजपा किसान विरोधी थी, है और रहेगी ।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved