
नई दिल्ली । साल 1981 का सुपरहिट गाना रम्बा (Superhit song Ramba)हो आज भी लोगों की जुबान पर है। इस गाने में नजर आईं एक्ट्रेस कल्पना अय्यर (actress Kalpana Iyer)एक बार फिर चर्चा में हैं। हाल ही में उनका एक डांस वीडियो (dancevideo)सोशल मीडिया(social media) पर वायरल हुआ जिसमें वे उसी अंदाज में रम्बा हो पर थिरकती दिखीं। उम्र के सात दशक पूरे कर चुकी कल्पना की एनर्जी और आत्मविश्वास(confidence) ने फैंस को चौंका दिया। इसी वायरल वीडियो के बाद लोगों के मन में एक पुराना सवाल फिर उठने लगा कि आखिर इतनी लोकप्रियता(popularity) के बावजूद कल्पना अय्यर ने बॉलीवुड को अचानक क्यों अलविदा कह दिया था।
अब 27 साल बाद कल्पना अय्यर ने इस सवाल का खुलकर जवाब दिया है। एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि समय के साथ इंडस्ट्री का माहौल बदल गया था। हर जगह ग्रुप बनने लगे थे और काम उन्हीं सीमित दायरों में घूमने लगा था। कल्पना ने साफ कहा कि वे किसी भी ग्रुप का हिस्सा नहीं थीं न फिल्म इंडस्ट्री में और न ही टेलीविजन की दुनिया में। उनके मुताबिक वे जिस तरह का काम कर रही थीं उससे उन्हें सुकून नहीं मिल रहा था। ऐसे में जब खुशी और संतुष्टि ही नहीं थी तो उस सफर को जबरदस्ती आगे बढ़ाने का कोई मतलब नहीं था।
कल्पना अय्यर का यह फैसला किसी नाराजगी या कड़वाहट से नहीं बल्कि आत्मचिंतन से निकला हुआ था। उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी किसी को दोष नहीं दिया और न ही किसी तरह की नेगेटिविटी को अपने जीवन में जगह दी। उनके लिए आत्मसम्मान सबसे ऊपर था। वे मानती हैं कि अगर किसी को उनकी जरूरत होगी और उन्हें काबिल समझा जाएगा तो खुद ही संपर्क किया जाएगा।
इसी बातचीत में सलमान खान का जिक्र भी आया जो हम साथ साथ हैं फिल्म में उनके को स्टार थे। जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्होंने सलमान से कभी मदद मांगी तो कल्पना ने साफ इनकार किया। उन्होंने कहा कि वे किसी से सिफारिश करवाने में विश्वास नहीं रखतीं। अगर कोई समझदार इंसान है और उसे लगता है कि मैं उस काम के लायक हूं तो वह खुद मुझसे संपर्क करेगा। अगर ऐसा नहीं हुआ तो इसका मतलब यही है कि शायद मैं उस भूमिका के लिए सही नहीं थी।
कल्पना अय्यर का फिल्मी सफर भले ही लंबा न रहा हो लेकिन यादगार जरूर रहा। उन्होंने सत्ते पे सत्ता बड़े दिलवाला हम पांच लाडला अंजाम जैसी कई फिल्मों में काम किया। हम साथ साथ हैं में संगीता के किरदार के रूप में उनकी मौजूदगी को आज भी याद किया जाता है। आखिरी बार वे साल 1999 में फिल्म दिल ही दिल में नजर आई थीं। आज जब रम्बा हो एक बार फिर नए दौर की फिल्मों और सोशल मीडिया के जरिए गूंज रहा है तो कल्पना अय्यर की कहानी भी नई पीढ़ी के सामने एक बार फिर प्रेरणा बनकर उभरी है।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved