
नई दिल्ली । विदेश में पढ़ाई(Studying abroad) करने का सपना देखने वाले भारत (India)के लाखों छात्रों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (Central Board of Secondary Education) CBSE से 12वीं पास करने वाले छात्रों के लिए अब दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटीज(Universities) में शामिल कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी (Cambridge University)में पढ़ाई का रास्ता पहले से कहीं ज्यादा आसान होने जा रहा है। कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी ने भारतीय छात्रों को बड़ी सौगात देते हुए CBSE बोर्ड के 12वीं के अंकों को मान्यता प्रदान की है, जिससे वे यूनिवर्सिटी के कुछ चुनिंदा अंडरग्रेजुएट (UG) कोर्स में आवेदन कर सकेंगे।
हर साल हजारों भारतीय छात्र विदेश में पढ़ाई करने का सपना देखते हैं, लेकिन सही जानकारी, कठिन प्रवेश प्रक्रियाएं और अतिरिक्त परीक्षाएं कई बार इस सपने के रास्ते में बाधा बन जाती हैं। खासतौर पर टॉप इंटरनेशनल यूनिवर्सिटीज में दाखिले के लिए भारतीय बोर्ड के छात्रों को कई स्तरों की जांच और अतिरिक्त योग्यताओं से गुजरना पड़ता था। ऐसे में कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी का यह फैसला भारतीय छात्रों के लिए ऐतिहासिक माना जा रहा है, क्योंकि इससे न केवल आवेदन प्रक्रिया आसान होगी बल्कि भारतीय शिक्षा प्रणाली को भी वैश्विक स्तर पर एक नई पहचान मिलेगी।
कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी ने स्पष्ट किया है कि CBSE बोर्ड से पढ़ाई करने वाले छात्र अब उसके कुछ अंडरग्रेजुएट कोर्स में आवेदन कर सकते हैं। हालांकि यूनिवर्सिटी ने यह भी साफ किया है कि दाखिला केवल 12वीं के अंकों के आधार पर नहीं दिया जाएगा। छात्रों को संबंधित विषयों की आवश्यक योग्यता, इंटरव्यू, अकादमिक प्रोफाइल और यूनिवर्सिटी द्वारा तय अन्य मानदंडों को भी पूरा करना होगा। इसके बावजूद, CBSE के अंकों को मान्यता मिलना भारतीय छात्रों के लिए एक बड़ा कदम है, जो विदेश में उच्च शिक्षा की दिशा में नए अवसर खोलता है।
कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी की वाइस चांसलर डेबोरा प्रेंटिस ने भारतीय छात्रों की सराहना करते हुए कहा है कि भारत में अकादमिक और रिसर्च के क्षेत्र में असाधारण प्रतिभाएं मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी भारतीय छात्रों की इस प्रतिभा को पहचानते हुए उन्हें अंतरराष्ट्रीय मंच पर आगे बढ़ने का अवसर देना चाहती है। यूनिवर्सिटी का मानना है कि भारतीय छात्र वैश्विक शिक्षा और रिसर्च को नई दिशा दे सकते हैं।
इस पहल को और मजबूती देने के लिए कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी ने Cambridge India Centre for Advanced Studies (CAS) शुरू करने का भी फैसला लिया है। यह सेंटर रिसर्च, टेक्नोलॉजी, इनोवेशन और आधुनिक शिक्षा पद्धतियों पर फोकस करेगा। CAS का उद्देश्य भारत की तेजी से बढ़ती नॉलेज इकॉनमी को वैश्विक शिक्षा नेटवर्क से जोड़ना है। इसके जरिए भारतीय छात्रों, रिसर्च स्कॉलर्स और शिक्षकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पढ़ाई, रिसर्च और सहयोग के नए अवसर मिलेंगे।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी का यह कदम भविष्य में अन्य विदेशी यूनिवर्सिटीज को भी भारतीय बोर्ड के छात्रों को मान्यता देने के लिए प्रेरित करेगा। इससे भारतीय छात्रों को न केवल बेहतर शिक्षा विकल्प मिलेंगे, बल्कि उनके करियर के अवसर भी वैश्विक स्तर पर मजबूत होंगे। कुल मिलाकर, यह फैसला भारतीय छात्रों के लिए विदेश में पढ़ाई के सपने को हकीकत में बदलने की दिशा में एक बड़ा और सकारात्मक कदम माना जा रहा है।
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