
इन्दौर। एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण को प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक में मूल योजना में आंशिक संशोधन करते हुए मंजूरी दे दी गई है। अब इस कॉरिडोर में एक भुजा और उतार के लिए बढ़ा दी गई है। इसके साथ ही तय किया गया है कि एक-एक किलोमीटर क्षेत्र में कॉरिडोर बनाते जाएंगे और आगे बढ़ते जाएंगे। इस कॉरिडोर पर रेस्क्यू स्पेस भी बनाई जाएगी।
यह सारे फैसले संभाग आयुक्त डॉ सुदाम खाड़े की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में लिए गए। इस बैठक में जिला प्रशासन, इंदौर नगर निगम, लोक निर्माण विभाग और इंदौर विकास प्राधिकरण के अधिकारी शामिल हुए। प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के द्वारा इस मुद्दे को लेकर ली गई पिछली बैठक में हुए विचार विमर्श पर इस बैठक में विचार किया गया। इसके साथ ही बुद्धिजीवियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों तथा इंजीनियरों के द्वारा इस एलिवेटेड कॉरिडोर को लेकर संभाग आयुक्त को जो सुझाव दिए गए थे, उन पर भी विचार किया गया। इस बैठक में यह तय किया गया कि इस एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण के लिए वहां से पानी, ड्रेनेज और स्ट्राम वाटर लाइन की शिफ्टिंग की जाएगी। इस शिफ्टिंग के कार्य में होने वाला खर्च लोक निर्माण विभाग के द्वारा उठाया जाएगा। अभी इंदौर नगर निगम के द्वारा किए गए आंकलन के अनुसार इस कार्य पर 10 करोड़ रुपए की राशि खर्च होगी।
इस बैठक में यह तय किया गया है कि यह कॉरिडोर छोटी खजरानी से लेकर नौलखा चौराहे के आगे तक बनाया जाएगा। इस कॉरिडोर के दोनों ओर के अंतिम छोर पर पर्याप्त स्थान रखा जाएगा ताकि कॉरिडोर पर से उतरने वाले वाहन किसी भी हालत में किसी दुर्घटना का शिकार नहीं हो। बैठक में यह निश्चित किया गया कि एक-एक किलोमीटर क्षेत्र में कॉरिडोर का निर्माण शुरू किया जाएगा और जब वह पूरा हो जाएगा तो फिर आगे का निर्माण होगा। इस बैठक में यह फैसला लिया गया है कि इस कॉरिडोर की चार स्थानों पर भुजाएं उतारी जाएगी। इसमें से पहली भुजा एलआईजी चौराहे पर, दूसरी गिटार तिराहे पर, तीसरी एमवाय चौराहे पर और चौथी नौलखा चौराहे पर उतारी जाएगी। इस तरह से इस कॉरिडोर में नौलखा चौराहे और एलआईजी चौराहे की एक भुजा बढ़ा दी गई है और गीता भवन चौराहे की एक भुजा कम कर दी गई है। इस कॉरिडोर पर किसी भी गाड़ी के खराब हो जाने या कुछ भी आपात स्थिति बनने के हालात को ध्यान में रखते हुए वहां रेस्क्यू स्पेस भी निकाली जाएगी। इस कॉरिडोर की कुल लंबाई 6.5 किलोमीटर रहेगी। इसका निर्माण पूरा करने में 2 साल का वक्त लगेगा।
एक बार फिर टकराव के हालात
इस कॉरिडोर को लेकर भी एक बार फिर जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच में टकराव के हालात बन गए हैं। मंत्री विजयवर्गीय की अध्यक्षता में आयोजित की गई पिछली बैठक में यह फैसला लिया गया था कि 7 फरवरी को अगली बैठक होगी, जिसमें सभी के सुझाव के आधार पर इस कॉरिडोर का निर्माण किस तरह से किया जाए, इसपर फैसला लिया जाएगा। आज इस कॉरिडोर के लिए जनप्रतिनिधियों की कोई बैठक आयोजित नहीं की जा रही है और अधिकारियों के द्वारा बैठक कर सारा फैसला ले लिया गया है। पिछली बैठक में पूर्व सांसद सुमित्रा महाजन और विधायक मधु वर्मा के द्वारा इस कॉरिडोर को एक तरफ मांगलिया और दूसरी तरफ राऊ तक बढ़ाने की मांग की गई थी। इस मांग को अधिकारियों ने अपनी समीक्षा में खारिज कर दिया है। अलबत्ता इस कॉरिडोर की भुजा में परिवर्तन कर इस पर से गुजरने वाले यातायात के लिए सुविधाजनक स्थिति बनाने की पहल की गई है।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved