
नई दिल्ली । अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026(Under-19 World Cup 2026) में भारत की ऐतिहासिक जीत (historic victory)के नायकों में शामिल वैभव सूर्यवंशी (featuring Vaibhav Suryavanshi)ने अपने बल्ले से पूरी दुनिया का ध्यान खींचा। इंग्लैंड के खिलाफ फाइनल (final against England)में 175 रन की तूफानी पारी खेलने वाले वैभव न सिर्फ प्लेयर ऑफ द फाइनल बने बल्कि पूरे टूर्नामेंट में 439 रन बनाकर दूसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज भी रहे। इसके अलावा उन्होंने 30 छक्के (30 sixes.)लगाकर इस वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा छक्के जड़ने का रिकॉर्ड भी अपने नाम किया।
महज 14 साल की उम्र में ऐसा प्रदर्शन देखने के बाद भारतीय फैंस के मन में यह सवाल उठना लाजमी था कि वैभव सूर्यवंशी अभी तो एक दो और अंडर-19 वर्ल्ड कप खेल सकते हैं। लेकिन हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। वैभव अगला अंडर-19 वर्ल्ड कप नहीं खेल पाएंगे और इसके पीछे उम्र नहीं बल्कि BCCI का सख्त नियम जिम्मेदार है।
वैभव सूर्यवंशी 27 मार्च को 15 साल के पूरे हो जाएंगे। अगला अंडर-19 वर्ल्ड कप साल 2028 में खेला जाना है। उस समय वैभव की उम्र करीब 17 साल होगी, यानी उम्र के लिहाज से वह पूरी तरह पात्र होते। ऐसे में उनके पास एक नहीं बल्कि दो अंडर-19 वर्ल्ड कप खेलने का सुनहरा मौका बन सकता था। मगर BCCI के नियम ने इस संभावना पर ब्रेक लगा दिया।
दरअसल BCCI ने साल 2016 में जूनियर क्रिकेट को लेकर एक अहम नियम लागू किया था। इस नियम के तहत कोई भी भारतीय खिलाड़ी एक से ज्यादा अंडर-19 वर्ल्ड कप में हिस्सा नहीं ले सकता। इस फैसले के पीछे मकसद था टैलेंट पूल को बढ़ाना और ज्यादा से ज्यादा युवा खिलाड़ियों को इंटरनेशनल लेवल का एक्सपोजर देना।
2016 से पहले स्थिति अलग थी। उस समय उम्र के अनुसार खिलाड़ियों को एक से ज्यादा अंडर-19 वर्ल्ड कप खेलने की इजाजत थी। इसी वजह से कई नामी भारतीय खिलाड़ी दो बार इस टूर्नामेंट का हिस्सा बन चुके हैं। लेकिन नियम बदलने के बाद जो खिलाड़ी एक बार अंडर-19 वर्ल्ड कप खेल लेता है, उसे अगले संस्करण के लिए चयन का मौका नहीं मिलता।
इस नियम के आने से पहले सरफराज खान, रवींद्र जडेजा, विजय जोल, रिकी भुई और आवेश खान जैसे खिलाड़ी एक से ज्यादा बार अंडर-19 वर्ल्ड कप में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।
अब वैभव सूर्यवंशी के शानदार प्रदर्शन के बावजूद यह तय हो चुका है कि वह अंडर-19 स्तर पर दोबारा वर्ल्ड कप नहीं खेल पाएंगे। हालांकि क्रिकेट जानकारों का मानना है कि जिस तरह का टैलेंट वैभव ने दिखाया है, वह जल्द ही भारत ए और सीनियर टीम की ओर कदम बढ़ा सकते हैं।
भले ही BCCI का यह नियम वैभव को अगला अंडर-19 वर्ल्ड कप खेलने से रोक दे, लेकिन उनकी प्रतिभा और आत्मविश्वास को देखकर इतना तय है कि भारतीय क्रिकेट को भविष्य का एक बड़ा सितारा मिल चुका है।
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