
नई दिल्ली । पंजाब से देश की सुरक्षा को लेकर एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। अमृतसर (Amritsar)में भारतीय सेना (Indian Army)की गोपनीय जानकारियां पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI (Pakistan’s intelligence agency ISI)को भेजने वाले एक जासूस(detective) को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी की पहचान हरपाल सिंह के रूप में हुई है, जो अमृतसर जिले की अजनाला तहसील के सीमावर्ती इलाके का रहने वाला है और पेशे से किसान बताया जा रहा है। यह गिरफ्तारी स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल ने एक सीक्रेट ऑपरेशन (Secret operation)के तहत की है।
खुफिया विभाग को लंबे समय से हरपाल सिंह की गतिविधियों पर शक था। रविवार देर रात पुख्ता इनपुट मिलने के बाद स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल की टीम ने अमृतसर के खालसा कॉलेज इलाके में नाकेबंदी की और 35 वर्षीय आरोपी को दबोच लिया। शुरुआती जांच में सामने आया है कि हरपाल सिंह पिछले करीब एक साल से पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के संपर्क में था और नियमित रूप से भारतीय सेना से जुड़ी संवेदनशील जानकारियां साझा कर रहा था।
तलाशी के दौरान सुरक्षा एजेंसियों ने आरोपी के कब्जे से एक मोबाइल फोन और एक सीडी बरामद की है। जांच में पता चला है कि सीडी के भीतर सेना से संबंधित अहम डेटा और सैन्य गतिविधियों की मूवमेंट से जुड़ी जानकारियां मौजूद हैं। वहीं मोबाइल फोन में पाकिस्तान के कई संदिग्ध नंबर मिले हैं, जिनसे आरोपी के संपर्क में रहने की पुष्टि हुई है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि यह जानकारी देश की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकती थी।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। उसका मोबाइल फोन फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह किन-किन लोगों के संपर्क में था और उसका संबंध किस अंतरराष्ट्रीय जासूसी नेटवर्क से जुड़ा हुआ था। कॉल डिटेल रिकॉर्ड, चैट, सोशल मीडिया अकाउंट्स और अन्य डिजिटल गतिविधियों की भी गहन जांच की जा रही है। पुलिस आरोपी को जल्द अदालत में पेश कर रिमांड लेने की तैयारी कर रही है, ताकि उससे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के बारे में पूछताछ की जा सके।
सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI लंबे समय से पंजाब के सीमावर्ती जिलों में जासूसी का जाल फैलाने की कोशिश करती रही है। अमृतसर, पठानकोट, फिरोजपुर, फाजिल्का और गुरदासपुर जैसे जिलों से पहले भी कई लोग जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किए जा चुके हैं। खासतौर पर सीमा से सटे गांवों में रहने वाले लोगों को पैसों, वीजा, मोबाइल या अन्य लालच देकर ISI अपने जाल में फंसाने की कोशिश करती है।
मई 2025 में भारत-पाकिस्तान के बीच हुए सैन्य संघर्ष के बाद से पंजाब में सुरक्षा एजेंसियां और ज्यादा सतर्क हो गई हैं। लगातार जासूसों की गिरफ्तारी इस बात का संकेत है कि दुश्मन देश की साजिशें अब भी जारी हैं। ऐसे में पुलिस और खुफिया एजेंसियां सीमावर्ती इलाकों में निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर रही हैं, ताकि देश की सुरक्षा से कोई समझौता न हो।

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